भागलपुर टीएनबी कॉलेज में बड़ी कार्रवाई, परीक्षा और लापरवाही के मामलों पर मचा हड़कंप

भागलपुर के टीएनबी कॉलेज में 20 और 21 अगस्त 2026 के बीच सामने आए दो अलग-अलग अनुशासनात्मक मुद्दों पर कॉलेज प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
- मारवाड़ी कॉलेज की छात्रा परीक्षा की उत्तर पुस्तिका घर ले गई, जिस कारण उसे परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया।
- बीसीए के छात्रों ने एक शिक्षक पर मानसिक प्रताड़ना और अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया है।
- स्नातक सेमेस्टर-5 के छात्रों द्वारा खुद कॉपियां जांचने का वीडियो वायरल होने पर यूनिवर्सिटी स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं।
उत्तर पुस्तिका घर ले जाने पर छात्रा निष्कासित
पहली घटना में, 20 अगस्त को स्नातक सेमेस्टर-2 की परीक्षा दे रही मारवाड़ी कॉलेज की एक छात्रा गलती से अपनी उत्तर पुस्तिका घर ले गई थी। परीक्षा कॉपियों की गिनती के दौरान इस गड़बड़ी का पता चला। कॉलेज अधिकारियों के संपर्क करने के बाद छात्रा ने कॉपी वापस कर दी और लिखित माफीनामा भी दिया। हालांकि, प्राचार्य प्रो. दीपो महतो ने पुष्टि की कि संस्थान ने परीक्षा नियमों के कड़े पालन के तहत तुरंत निष्कासन की कार्रवाई की है।
शिक्षक पर लगे मानसिक प्रताड़ना के आरोप
साथ ही, कॉलेज को बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) कार्यक्रम के छात्रों द्वारा एक शिक्षक के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना और अनियमित शैक्षणिक आचरण के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। प्राचार्य प्रो. दीपो महतो को सौंपे गए एक औपचारिक लिखित शिकायत में छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ठीक से क्लास नहीं लेते हैं, छात्रों को प्रताड़ित करते हैं और अक्सर अभिभावकों को भ्रामक शिकायतें देकर छात्रों की उपस्थिति कम करते हैं। प्राचार्य महतो ने मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित करने का वचन दिया है और यह भी उल्लेख किया कि इस शिक्षक के संबंध में पहले की शिकायतें भी दर्ज हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोप साबित होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो और यूनिवर्सिटी स्तर पर जांच
इसके अलावा, कॉलेज एक विवाद को संभाल रहा है जिसमें एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमें स्नातक सेमेस्टर-5 के छात्र अपनी आंतरिक परीक्षा की उत्तर खुद जांचते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मामले को विश्वविद्यालय स्तर तक पहुंचा दिया गया है, जहां कार्यवाहक कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने अपनी अनुशासन समिति को फुटेज की प्रामाणिकता सत्यापित करने का काम सौंपा है, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस घटना को लेकर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।