भागलपुर के टीएनबी कॉलेज में पूर्वी छात्रावास की जर्जर स्थिति को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार को छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य कार्यालय का घेराव किया।
- पूर्वी छात्रावास की छत का मलबा गिरने की हालिया घटना के विरोध में प्रदर्शन
- लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर छात्रों ने खोला मोर्चा
- प्राचार्य ने जल्द मरम्मत कराने का दिया आश्वासन जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ
भागलपुर में टी.एन.बी. महाविद्यालय के पूर्वी छात्रावास की बदहाल और जर्जर स्थिति को लेकर शुक्रवार को
छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। हॉस्टल की छत का मलबा गिरने की हालिया घटना और लंबे समय से लंबित समस्याओं के विरोध में बड़ी संख्या में
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्र एकजुट होकर प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।
छात्रों का आरोप है कि पूर्वी छात्रावास की छत लंबे समय से अत्यंत जर्जर स्थिति में है, जिससे आए दिन मलबे और प्लास्टर के बड़े-बड़े टुकड़े नीचे गिरते रहते हैं। हाल ही में एक ऐसी ही घटना में
छत का मलबा सीधे छात्रों के ऊपर गिर गया, जिसमें वे बाल-बाल बचे। इस घटना के बाद से छात्रावास में रह रहे छात्र अपनी सुरक्षा को लेकर गहरे खौफ में हैं। छात्रों ने साफ कहा कि अगर सिर के ऊपर की छत ही सुरक्षित नहीं है, तो कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे छात्रावास की इस गंभीर स्थिति से प्राचार्य को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे छात्रों में असंतोष बढ़ता गया और अंततः उन्हें घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्रों की मुख्य मांग है कि
छात्रावास की छत की तत्काल प्रभाव से मरम्मत कराई जाए और उनके रहने के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए टी.एन.बी. महाविद्यालय के प्राचार्य ने आंदोलन कर रहे छात्रों से वार्ता की और उन्हें शांत कराया। प्राचार्य ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि
छात्रावास की जर्जर स्थिति को देखते हुए जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि छात्रों को रहने में किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरे का सामना न करना पड़े। प्राचार्य के इस सकारात्मक आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।