भागलपुर के हबीबपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 55 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई है। तेज रफ्तार टोटो ने मजदूर को टक्कर मार दी, जिससे उनकी जान चली गई।
- मृतक की पहचान: मोहम्मद अजहर, उम्र 55 वर्ष, निवासी रहमत बाग, वार्ड नंबर 17, नूरपुर पंचायत।
- घटनास्थल: शाहजंगी पंचायत अंतर्गत बदरे आलमपुर मस्जिद के पास।
- घटना का समय: बीते देर रात करीब 10:20 बजे।
- परिणाम: सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र के शाहजंगी पंचायत अंतर्गत बदरे आलमपुर में बीते देर रात एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार टोटो ने सड़क पर जमकर तांडव मचाया। इस दर्दनाक हादसे में सीमेंट दुकान से मजदूरी कर लौट रहे 55 वर्षीय
मोहम्मद अजहर की जान चली गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश है। बताया जा रहा है कि मृतक मोहम्मद अजहर नूरपुर पंचायत के रहमत बाग वार्ड नंबर 17 के निवासी थे। वे शाहजंगी पंचायत के बदरे आलमपुर मस्जिद के पास स्थित एक सीमेंट की दुकान में मजदूरी का काम करते थे। रोज की तरह देर रात करीब 10:20 बजे जब वे काम खत्म करके अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो टोटो चालक की लापरवाही को साफ बयां करता है। फुटेज में दिख रहा है कि टोटो बेहद तेज रफ्तार में सड़क से गुजर रहा था। मोहम्मद अजहर को टक्कर मारने से ठीक पहले, टोटो ने वकील नाम के एक अन्य व्यक्ति को निशाना बनाया था, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। इसके तुरंत बाद अनियंत्रित टोटो ने आगे बढ़ रहे मोहम्मद अजहर को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वे सड़क पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत सड़क की तरफ दौड़े। ग्रामीणों और परिजन ने आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद अजहर को इलाज के लिए
सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टोटो चालक पूरी तरह नशे में धुत था और रिहायशी इलाके में बेकाबू होकर गाड़ी चला रहा था। पोस्टमार्टम के बाद जब मृतक का शव उनके घर लाया गया, तो परिजन में कोहराम मच गया। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने पुलिस से अपील की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी टोटो चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी चालक नशे की हालत में वाहन चलाने की हिम्मत न कर सके। इस हादसे ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी और घनी आबादी वाले इलाके में इतनी रात को कोई वाहन इतनी तेज रफ्तार में कैसे दौड़ रहा था? क्षेत्र में नशे की हालत में टोटो चालकों द्वारा वाहन चलाने पर अंकुश क्यों नहीं लगाया जा रहा है? बहरहाल, स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और पुलिसिया तफ्तीश के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।