कहलगढ़ थाना क्षेत्र में चैथरिया पीर स्थान के पास एक इंजीनियरिंग वर्कशॉप में शुक्रवार दोपहर को 35 साल के टोटो चालक टिपिन कुमार सिंह उर्फ टिपू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। टिपिन कुमार सिंह, जो उधर सिंह के बेटे थे, नवगछिया अनुमंडल के औलियाबाद के रहने वाले थे और परिवार चलाने के लिए कहलगढ़ में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एसएसवी कॉलेज मैदान के पास रह रहे थे और टोटो चलाते थे। रिपोर्ट के अनुसार, टिपिन शुक्रवार दोपहर को वेल्डिंग का सामान पहुंचाने वर्कशॉप पहुंचे थे। गवाहों ने बताया कि सामान उतारने के दौरान उनकी वर्कशॉप मालिक से कहासुनी हो गई थी, जिसके कुछ देर बाद वह गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। कुछ स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि मौत बिजली का झटका लगने से हुई हो सकती है। घटना के बाद वर्कशॉप मालिक दुकान बंद करके भाग गया।
मृतक के परिवार वाले और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और आरोप लगाया कि बहस के दौरान वर्कशॉप मालिक ने जानबूझकर टिपिन को करंट लगा दिया। मौत के विरोध में परिवार और स्थानीय लोगों ने
कहलगढ़-बरहाट मुख्य सड़क को करीब चार घंटे तक जाम रखा, जिससे लंबी ट्रैफिक लाइन लग गई। कहलगढ़ थाना अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार और उनकी टीम के मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराने के बाद जाम हटाया गया।
साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया है; शुरुआती जांच में शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृतक की पत्नी शिखा देवी ने वर्कशॉप मालिक के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मृतक के तीन बेटियां और दो बेटे हैं। थाना अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पुलिस हत्या के एंगल से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि
मौत के असली कारण की पुष्टि केवल एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।