गंगा नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ने के कारण पर्यटक क्रूज 'राजमहल' (जिसे 'एवीएन राजमहल' या 'एमवीएन राजमहल' भी कहा जाता है) 9 सितंबर 2026 तक भागलपुर में रुका हुआ है। यह जहाज कोलकाता से पटना और वाराणसी की ओर जा रहा था जब अधिकारियों ने इसे रोक दिया। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: - क्रूज पर सवार नौ विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। - भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की देखरेख में यात्रियों को छोटी नावों से नदी के किनारे लाया गया। - यात्रियों को भागलपुर रेलवे स्टेशन ले जाया गया जहां से वे पटना की अपनी यात्रा पूरी करने के लिए ट्रेन में सवार हुए।
यह क्रूज सोमवार, 7 सितंबर 2026 से बड़ी खंजरपुर स्थित IWAI उप-कार्यालय के पास खड़ा है। IWAI अधिकारियों ने बताया कि इस जहाज को रोकने का फैसला मोकामा और हथidah स्थित गंगा पुलों के गर्डरों और पानी की सतह के बीच की दूरी को लेकर सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया था।
जलस्तर बढ़ने के कारण पुलों के नीचे की जरूरी जगह बहुत कम हो गई है, इसलिए जब तक पानी कम नहीं होता और सुरक्षा मंजूरी नहीं मिलती, तब तक आवाजाही रोकनी पड़ी है। IWAI की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।
ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक गंगा नदी भागलपुर में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। कुछ इलाकों में जलस्तर खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर है, तो कुछ जगहों पर नदी 34.60 मीटर दर्ज की गई है जो खतरे के स्तर से 0.92 मीटर ऊपर है।
इस बाढ़ से बिहार के 14 जिले प्रभावित हुए हैं, जिससे 423 ग्राम पंचायतें और अनुमानित 27.01 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।