कटिहार: शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर उमड़ा जनसैलाब, युवाओं को मिली देशभक्ति की प्रेरणा

कटिहार के शिव मंदिर चौक पर स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इस मौके पर नगर निगम के फंड से प्रतिमा स्थल के नवीनीकरण की जानकारी भी साझा की गई।
मुख्य बातें:
- शिव मंदिर चौक पर शहीद भगत सिंह को दी गई श्रद्धांजलि।
- नगर निगम के फंड से प्रतिमा स्थल का हुआ नवीनीकरण।
- मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों ने भगत सिंह के जीवन पर डाला प्रकाश।
- युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने की अपील।
नगर निगम ने कराया स्थल का नवीनीकरण
कार्यक्रम की शुरुआत में मेहमानों का स्वागत करते हुए नगर पार्षद और स्थायी समिति सदस्य जिमी प्रकाश ने बताया कि नगर निगम के फंड का उपयोग करके इस स्मारक स्थल का नवीनीकरण कराया गया है।
शहीद-ए-आजम के जीवन पर चर्चा
मेयर उषा देवी अग्रवाल, डिप्टी मेयर मंजूर खान, पार्षद जिमी प्रकाश और रूबी कुमारी ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के एक गांव में हुआ था और उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि उनका साहस, बलिदान और देशभक्ति अन्याय के खिलाफ खड़े होने और राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने की निरंतर प्रेरणा देते हैं।
अन्याय के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक
उपस्थित लोगों ने भगत सिंह की विरासत को याद करते हुए कहा कि उनका नारा 'इंकलाब जिंदाबाद' केवल बदलाव का नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ने के साहस का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय विचारों की अनदेखी के विरोध में उन्होंने ब्रिटिश संसद में बम फेंका था और देश को जगाने के लिए भागने के बजाय गिरफ्तारी देना चुना। नेताओं ने युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि राजू मांझी, सुशील ठाकुर, मुन्ना राजपाल, समाजसेवी अशोक महतो, राजकुमार मरुड़का, गोपाल बर्णवाल, नगर निगम के सहायक अभियंता विवेक कुमार, नगर आवास विभाग के अधिकारी नूर साहब और यज्ञशाला दुर्गा पूजा समिति के सदस्य उपस्थित थे। पूरा माहौल 'शहीद-ए-आजम भगत सिंह अमर रहे' के नारों से गूंज उठा।