भागलपुर मायागंज अस्पताल में दर्दनाक हादसा, दो सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मौत पर हंगामा

भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार रात अलग-прежнему सड़क हादसों में घायल हुए दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान पीरपैंती के सलेमपुर निवासी मिथिलेश पासवान और मुंगेर के संग्रामपुर निवासी विक्रम कुमार झा के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
मुख्य बातें:
- मायागंज अस्पताल में दो अलग-अलग सड़क हादसों के घायलों की मौत।
- परिजनों ने इलाज में देरी और लापरवाही का लगाया आरोप।
- अस्पताल प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का दिया भरोसा।
मिथिलेश पासवान के परिजनों का आरोप
मिथिलेश पासवान के परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने इलाज में देरी की और मरीज को एक विभाग से दूसरे विभाग में भटकाया। परिजनों के अनुसार, शाहबाद पुल के पास तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की टक्कर से घायल मिथिलेश को रात 11:00 बजे अस्पताल लाया गया था। पर्चा बनने के बाद करीब एक घंटे तक उनका कोई इलाज नहीं हुआ। परिजनों ने न्यूरोसर्जन को बुलाने की मांग की थी, लेकिन कोई नहीं आया। उनका आरोप है कि इमरजेंसी केयर देने के बजाय मिथिलेश को मेडिसिन विभाग भेज दिया गया, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई। रात 1:20 बजे न्यूरोसर्जन से संपर्क किया गया और उसके लगभग 10 मिनट बाद मिथिलेश की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
विक्रम कुमार झा के परिजनों के भी आरोप
वहीं दूसरी घटना में, दूसरे मृतक विक्रम कुमार झा के परिजनों ने भी उनकी चिकित्सा देखभाल में लापरवाही का आरोप उठाया है।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
JLNMCH के उप अधीक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह ने मिथिलेश के परिवार से चिकित्सा लापरवाही की शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वे सोमवार को मामले की जांच करेंगे और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इमरजेंसी एसओडी डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि मिथिलेश की शुरुआती जांच में कोई गंभीर बाहरी चोट नहीं दिखाई दी थी। उन्हें स्ट्रोक की आशंका के कारण मेडिसिन विभाग में भेजा गया था, हालांकि मेडिसिन विभाग द्वारा भर्ती नहीं किए जाने के बाद उनका इलाज इमरजेंसी विभाग के भीतर ही किया गया।