कपरवार में उग्रसेन सेतु बंद: भागलपुर पुल पर बढ़ा दबाव, यात्री परेशान
कपरवार में उग्रसेन सेतु बंद होने से भागलपुर पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ा है, जिससे यात्रियों को तय करना पड़ रहा है अतिरिक्त सफर।

कपरवार में उग्रसेन सेतु के बंद होने से इलाके के यातायात व्यवस्था में भारी बदलाव आया है, जिसका सीधा असर भागलपुर पुल पर दिख रहा है। सेतु बंद होने के कारण अब बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन भागलपुर पुल की ओर मुड़ रहे हैं, जिससे वहां ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है। देवरिया और कुशीनगर से वाराणसी, मऊ और बलिया की ओर जाने वाले यात्रियों को अब लंबे सफर और ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
पहले देवरिया और कुशीनगर के लोग वाराणसी और मऊ पहुंचने के लिए कपरवार पुल का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनका समय और दूरी दोनों कम हो जाते थे। लेकिन अब इस रास्ते के बंद होने से पूरा ट्रैफिक भागलपुर पुल पर शिफ्ट हो गया है। गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों से भागलपुर पुल पर हाइट गेज बैरियर लगे होने के कारण भारी वाहनों, जैसे बस और ट्रकों का प्रवेश वर्जित है। ऐसे में अब कार, जीप और पिकअप जैसे छोटे वाहनों की भीड़ ने पुल पर दबाव और बढ़ा दिया है।
सफर हुआ लंबा, स्थानीय लोग परेशान
इस बदलाव का सबसे बुरा असर यात्रियों के समय पर पड़ा है। देवरिया और कुशीनगर से वाराणसी जाने वालों को अब करीब 20 से 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सफर को वे पहले तीन घंटे में पूरा कर लेते थे, उसमें अब चार घंटे लग रहे हैं। गुलाब चंद्र यादव, सुनील मद्धेशिया, बेचु सहनी और सत्येंद्र यादव जैसे स्थानीय निवासियों ने जोर देकर कहा कि ये दोनों पुल जिले की जीवनरेखा हैं और इनके बंद होने से आम जनजीवन प्रभावित होता है।
मामले पर जानकारी देते हुए एसडीएम बरहज प्रवीण कुमार ने बताया कि उग्रसेन सेतु में संरचनात्मक खराबी (स्ट्रक्चरल डैमेज) आने के कारण इसे बंद किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में भागलपुर पुल पर केवल छोटे वाहनों के चलने की अनुमति है। प्रशासन का कहना है कि उग्रसेन सेतु की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही यहां यातायात फिर से सामान्य कर दिया जाएगा।