अद्भुत और अनोखी कांवड़ यात्रा: 150 किलो की कांवड़ लेकर देवघर जा रहे भक्त

MyBhagalpur Team21 August 20262 min read77 viewsTravel
अद्भुत और अनोखी कांवड़ यात्रा: 150 किलो की कांवड़ लेकर देवघर जा रहे भक्त

सावन के पवित्र महीने में सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम से देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम तक का कांवड़ पथ पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है। पश्चिम बंगाल से आए भक्त अपनी अनोखी कांवड़ को लेकर लोगों का खास ध्यान खींच रहे हैं और 105 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के भक्तों की अनोखी कांवड़ यात्रा

  • कोलकाता के मोहन यादव और उनके साथियों ने भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियों वाली कांवड़ बनाई है।
  • फाइबर और रूई से बनी इन मूर्तियों का वजन पानी के अलावा 110 से 120 किलोग्राम के बीच है।
  • मोहन यादव 2014 से इस यात्रा में आ रहे हैं और रात में रोशनी के लिए कांवड़ पर लाइटें लगाई गई हैं।
  • हावड़ा मैदान के दीपक कुमार पासवान, सूरज कुमार और सत्यम मंडल समेत 22 भक्तों का दूसरा दल रावण की मूर्ति वाली कांवड़ ले जा रहा है।
  • इस कांवड़ का वजन 150 किलोग्राम से ज्यादा है और इसका उद्देश्य रावण को उनके इष्ट देव भगवान शिव से मिलाना है।

कोलकाता और हावड़ा के भक्तों का सफर

कोलकाता के मोहन यादव अपने साथियों के साथ इस यात्रा में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फाइबर, रुई और अन्य सामग्रियों से बनी शिव-पार्वती की मूर्तियों का वजन बिना पानी के 110 से 120 किलोग्राम है। वह 2014 से इस यात्रा में आ रहे हैं। इस कांवड़ को रात में चमकाने के लिए सजावटी लाइटें भी लगाई गई हैं। उनका कहना है कि वे समाज, परिवार और जीवों की भलाई के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

रावण की मूर्ति वाली 150 किलो की कांवड़

दूसरी तरफ, हावड़ा मैदान के 22 भक्तों का एक समूह, जिसमें दीपक कुमार पासवान, सूरज कुमार और सत्यम मंडल शामिल हैं, रावण की मूर्ति वाली कांवड़ लेकर जा रहा है। पेलकल घाट रेलवे कॉलोनी से जुड़े इस समूह का वजन 150 किलोग्राम से अधिक है। इन लोगों का उद्देश्य रावण को उनके इष्ट देव भगवान शिव से मिलाना है। ये सभी भक्त पिछले 8 से 10 सालों से यह यात्रा कर रहे हैं और इस साल कुछ नया करने का फैसला किया था।

यात्रा और बोल बम के नारे

भक्तों की इस यात्रा को पूरा करने में लगभग चार दिन का समय लगने की उम्मीद है। यह यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था पर टिकी है, जो किसी व्यक्तिगत लाभ के बजाय दुनिया के लिए शांति और आशीर्वाद मांग रहे हैं। इस बीच, दिल्ली सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं और पूरा इलाका 'बोल बम' के नारों से गूंज रहा है, जिससे भक्ति और त्याग का एक बड़ा उत्सव बन गया है।

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