विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर में नावों का सफर बना लोगों का बड़ा सहारा

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद गंगा नदी पार करने के लिए नावों यानी फेरी सेवाओं पर लोगों की निर्भरता बहुत अधिक बढ़ गई है। भागलपुर और नौगछिया के बीच यह स्थिति 1 अक्टूबर 2026 को पुल बंद होने के बाद आई है। नौगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी के. परीक्षित ने पुष्टि की है कि पुल बंद होने के तुरंत बाद के तीन दिनों में लगभग 1.56 लाख यात्रियों और 12,900 मोटरसाइकिलों ने नाव सेवाओं का उपयोग किया। वर्तमान में इन नावों के जरिए प्रतिदिन औसतन 52,000 यात्री और 4,300 मोटरसाइकिलें आ-जा रही हैं। इस भारी भीड़ को संभालने के लिए जिला प्रशासन 6 से 7 जहाजों का उपयोग करके प्रतिदिन लगभग 15 फेरी फेरे चला रहा है, और क्षमता को बढ़ाकर 12 करने की योजना है। संचालन की निगरानी करने, नो-एंट्री नियमों को लागू करने और पिक-अप पॉइंट पर ट्रैफिक प्रबंधन का समन्वय करने के लिए अपर जिला कलेक्टर (कानून व्यवस्था) की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति बनाई गई है।