विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन: मुआवजे की मांग को लेकर अजमाबाद में ग्रामीणों ने की महापंचायत
विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पर अजमाबाद के ग्रामीणों ने जताया विरोध, उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग।

भागलपुर के गोपालपुर प्रखंड स्थित अजमाबाद गांव में विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन मुआवजा और पुनर्वास के मुद्दे पर ग्रामीणों ने एक बड़ी महापंचायत की। इस बैठक में गांव के लोग अपनी पुश्तैनी जमीन और मकानों के अधिग्रहण को लेकर बेहद चिंतित नजर आए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इस परियोजना की वजह से उन्हें बेघर नहीं होना पड़ेगा।
बैठक में शामिल किसानों, बुजुर्गों और महिलाओं ने एक सुर में कहा कि रेल प्रशासन और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। ग्रामीणों की मुख्य मांग यह है कि उनकी जमीन और मकानों का मुआवजा बाजार दर पर दिया जाए। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि पूरे गांव का पुनर्वास मुख्य सड़क के किनारे किसी उपयुक्त स्थान पर एक साथ किया जाए, ताकि उनकी सामाजिक व्यवस्था बनी रहे।
पुनर्वास और पक्के मकानों की मांग पर अड़े ग्रामीण
महापंचायत में यह बात प्रमुखता से उठी कि विस्थापित होने वाले हर परिवार को सरकार की ओर से पक्के मकान बनाकर दिए जाएं। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी पुनर्वास और सम्मानजनक मुआवजे की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे अपनी पुश्तैनी संपत्तियों का अधिग्रहण नहीं होने देंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन सिर्फ मिट्टी का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि वह इस संवेदनशील मामले में सकारात्मक हस्तक्षेप करे और जल्द से जल्द ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।