विक्रमशिला सेतु का बेली ब्रिज हटने से बढ़ी चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

MyBhagalpur Team21 August 20262 min read39 viewsCity Local
विक्रमशिला सेतु का बेली ब्रिज हटने से बढ़ी चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बना अस्थायी बेली ब्रिज 28 अगस्त को हटाया जाना तय है और 29 अगस्त से पक्का मरम्मत का काम शुरू होगा। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) की नेता और बिहपुर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व उम्मीदवार अर्पणा कुमारी ने इस फैसले को लेकर बिहार सरकार से सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस पुल को हटाने से भागलपुर, पूर्वी बिहार और सीमांचल क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क टूट जाएगा, जिससे रोज आने-जाने वाले लोगों, व्यापारियों, कर्मचारियों और सामान के आने-जाने पर बुरा असर पड़ेगा।

अर्पणा कुमारी ने जोर देकर कहा कि गंगा नदी में पानी का स्तर अभी बढ़ा हुआ है और दुर्गा पूजा, दिवाली तथा छठ जैसे त्योहार पास आ रहे हैं, ऐसे में रास्ता बंद होने से व्यापारिक गतिविधियां बहुत प्रभावित होंगी। उन्होंने मांग की कि सरकार बेली ब्रिज को बनाने और फिर हटाने में हुए कुल खर्च का पूरा हिसाब दे। सरकारी कागजों के अनुसार मरम्मत और पुल को ठीक करने के लिए 126.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली है, लेकिन बेली ब्रिज पर 28 करोड़ रुपये खर्च होने के दावे की जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि पुल को तोड़ने से पहले पूरी सुरक्षा व्यवस्था हो, पानी में चलने वाले साधन ठीक हों और आने-जाने के लिए दूसरे रास्ते चालू किए जाएं, क्योंकि पानी बढ़ने पर नाव से सफर करना खतरनाक होता है। विक्रमशिला सेतु तब से चर्चा में है जब 3 मई 2026 को रात करीब 12:50 बजे खंभा नंबर 133 के पास 34 मीटर का हिस्सा गिर गया था। 5 मई 2026 को हवाई सर्वे करने के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तीन महीने के भीतर मरम्मत करने का आदेश दिया था।

घटना के बाद बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने चार अस्थायी बेली ब्रिज बनाए, जिनका उद्घाटन सड़क निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने 7 जून 2026 को किया था, जिससे छोटे वाहनों को निकलने की अनुमति मिली। 98 करोड़ रुपये की लागत वाले इस पक्का मरम्मत प्रोजेक्ट के तहत सरकार टूटे हुए हिस्से को बदलना चाहती है और कुल सुधार का काम पूरा करके 30 नवंबर 2026 तक इसे पूरी तरह फिर से खोलना चाहती है।

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