बड़ी खबर: तीन महीने के लिए पूरी तरह बंद हुआ विक्रमशिला सेतु

MyBhagalpur Team30 September 20262 min read5 viewsCity Local
बड़ी खबर: तीन महीने के लिए पूरी तरह बंद हुआ विक्रमशिला सेतु

पूर्वी बिहार की लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु तीन महीने के लिए भारी वाहनों और सभी प्रकार के यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह बड़ा फैसला 30 सितंबर की रात से लागू हो गया है, ताकि पुल की जरूरी और बड़ी मरम्मत का काम समय पर पूरा किया जा सके। इस मरम्मत कार्य में एक अस्थायी बेली ब्रिज को हटाना और चार बहुत ज्यादा जर्जर स्पैन को बदलना शामिल है।

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की देखरेख में चल रहे इस 99 करोड़ रुपये के रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए गुवाहाटी और पटना के इंजीनियरों की एक खास तकनीकी टीम भागलपुर पहुंच गई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की 80 सदस्यों की टीम और एसपी सिंगला एजेंसी इस काम को संभाल रही है। 1 अक्टूबर से टीमों को बेली ब्रिज को हटाने का काम सौंपा गया है, जिसमें लगभग 10 दिन लगने की उम्मीद है। इसके बाद, चार महत्वपूर्ण स्पैन को 'हेली-कटर' मशीनों की मदद से हटाया जाएगा और उनकी जगह आधुनिक व स्थायी स्टील गर्डर या ट्रस ब्रिज लगाए जाएंगे। यह पूरा काम 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यातायात और वैकल्पिक व्यवस्था


जिला मजिस्ट्रेट अलंकृत पांडेय ने पुष्टि की है कि ट्रैफिक मैनेजमेंट के नियम अब लागू कर दिए गए हैं। उत्तरी बिहार, कोसी और सीमांचल की तरफ जाने वाले वाहनों को मुंगेर में बने श्रीकृष्ण सेतु के रास्ते डायवर्ट किया गया है। इस बदलाव को ठीक से संभालने के लिए एनएच-80 और फोरलेन सड़क पर पांच खास जगहों पर 24 घंटे के लिए 30 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

यात्रियों के लिए मुफ्त नाव सेवा


यात्रियों की सुविधा के लिए गंगा नदी पर मुफ्त फेरी सेवा शुरू की गई है, जो भागलपुर की तरफ से बियाडा और बाबूपुर घाट को नौगचिया की तरफ जहाह्नवी गंगा घाट से जोड़ती है। ये नावें यात्रियों, साइकिल और मोटरसाइकिलों को बिना किसी शुल्क के पार कराएंगी, और सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बनाई गई छह सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी वैकल्पिक रास्तों और जलमार्ग संचालन पर नजर रख रही है।

24 घंटे निर्माण कार्य और सुविधाएं


साइट पर पोक्लेन, हाइड्रा और क्रेन जैसी भारी मशीनें लाई गई हैं, जबकि 24 घंटे निर्माण काम जारी रखने के लिए हाई-मास्ट सोलर और स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। गूगल मैप्स ने वैकल्पिक रास्तों को दिखाने के लिए अपना नेविगेशन अपडेट कर दिया है, जिसमें 161 किलोमीटर का डायवर्जन शामिल है। इसके साथ ही, मानसून के मौसम में रास्ते ठीक रहें, इसके लिए सर्विस रोड को गवल और सीमेंट से मजबूत किया जा रहा है।

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