सावधान! 30 सितंबर से बंद होगा विक्रमशिला सेतु, आवाजाही के लिए प्रशासन ने किए बड़े इंतजाम

भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर अब स्थायी निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। जिला प्रशासन और बिहार स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है।
• 30 सितंबर की आधी रात से पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद होगी।
• 1 अक्टूबर से पुराने बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू होगा।
• आवाजाही के लिए क्रूज और फेरी जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
• यात्रियों की सुरक्षा के लिए SDRF, पुलिस और मेडिकल टीम तैनात रहेगी।
पुल बंद होने और निर्माण की तैयारी
बिहार स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एमडी ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर सूचित किया है कि 30 सितंबर की आधी रात से विक्रमशिला सेतु पर सभी वाहनों का चलना पूरी तरह बंद रहेगा। 1 अक्टूबर से पुराने बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू किया जाएगा। स्थायी निर्माण के लिए ठेकेदार का चयन हो चुका है, जिसने चार स्पैन के डेक-टाइप ट्रस गर्डर्स का फैब्रिकेशन पूरा कर लिया है और निर्माण सामग्री बरारी घाट साइट पर पहुंचा दी गई है।
आवाजाही के लिए वैकल्पिक इंतजाम
भागलपुर और नौगछिया के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए प्रशासन ने गंगा नदी में क्रूज और अन्य जलमार्गों के संचालन की व्यवस्था की है। यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थित संचालन के लिए बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग पॉइंट्स पर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) और एनफोर्समेंट सब-इंस्पेक्टर (ESI) तैनात रहेंगे। ये अधिकारी सुरक्षा मानकों और समय सारिणी का पालन सुनिश्चित करेंगे।
इन घाटों से मिलेगी फेरी सेवा
नगर निगम बरारी पुल घाट पर बैरिकेडिंग करेगा ताकि लोग निर्माण क्षेत्र में न जा सकें। बरारी पुल घाट से फेरी सेवा नहीं चलेगी, जिसकी जानकारी के लिए पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे। फेरी सेवाएं अब तीन तय जगहों से मिलेंगी: बियाडा (BIADA), बाबूपुर और जानवी चौक घाट। भीड़भाड़ रोकने के लिए इन घाटों पर दुकान लगाने की मनाही है और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
सुरक्षा और अन्य सुविधाएं
यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल, SDRF टीम और मेडिकल स्टाफ की तैनाती होगी। तीनों घाटों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। यात्रियों के खाने-पीने के लिए इन स्थानों पर 'जीविका दीदी की रसोई' चलेगी। फेरी सेवाओं का प्रबंधन करने वाले ठेकेदारों को संचालन के लिए नदी किनारे जमीन लीज पर लेने का अधिकार दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बेली ब्रिज हटने के बाद स्थायी ढांचे का निर्माण होगा और ये सभी इंतजाम जनता की असुविधा को कम करने के लिए किए गए हैं।