भागलपुर का विक्रमशिला सेतु मरम्मत के काम के लिए 30 सितंबर की रात 12 बजे से सभी वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा। 1 अक्टूबर से बॉर्डर रोड्स संगठन बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू करेगा। गंगा नदी पर आवाजाही जारी रखने के लिए जिला प्रशासन ने 1 अक्टूबर से पूरी तरह से फेरी सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। नावों की क्षमता के हिसाब से हर नाव पर 72 से 600 यात्री बैठ सकेंगे और सुरक्षा नियमों का पूरा पालन किया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना जरूरी होगा और नाव पर क्षमता से अधिक लोग नहीं बैठेंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया है कि पैदल चलने वाले, साइकिल और मोटरसाइकिल से आने-जाने वाले लोगों से नाव का किराया नहीं लिया जाएगा। सड़क निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने मुफ्त नाव सेवा देने की बात कही है और कहा है कि अगर यात्री बढ़ेंगे तो और नावें भी लगाई जाएंगी। बाकी गाड़ियों के लिए तय किराया ही देना होगा।
नावों के चढ़ने और उतरने के लिए बीआईडीए, बाबूपुर और जाह्नवी चौक पर जगह तय की गई है। इस काम के लिए बरारी ब्रिज घाट का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक संभालने के लिए मोटर वाहन निरीक्षक और प्रवर्तन अवर निरीक्षक इन जगहों पर तैनात रहेंगे। तकनीकी जांच टीमों ने सभी नावों को सही बताया है। इसके अलावा यात्रियों को खाना देने के लिए जीविका दीदी घाटों पर रसोई चलाएंगी।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की देखरेख में बनने वाले इस पुल की मरम्मत के लिए चार स्पैन डेक-टाइप ट्रस गर्डर तैयार किए गए हैं, जिनका सामान अभी बरारी घाट पर रखा है। यह पुल लगभग तीन महीने तक बंद रहेगा। खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने गंगा नदी में पानी ज्यादा होने और त्योहारों के समय लोगों को परेशानी से बचाने के लिए बेली ब्रिज को हटाने का काम त्योहारों के बाद करने की बात उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की थी, लेकिन जिला प्रशासन तय कार्यक्रम के अनुसार ही काम कर रहा है। जिलाधिकारी अलंकृत पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने पूरी जानकारी दे दी है। नोडल अधिकारी और अपर जिला परिवहन पदाधिकारी अमित कुमार इस व्यवस्था को देख रहे हैं और भीड़ रोकने के लिए घाटों पर बिना अनुमति के ठेला लगाने पर रोक लगाई गई है।