विक्रमशिला सेतु बंद होने से भागलपुर में बस सेवाएं ठप, यात्रियों की बढ़ी मुसीबत
विक्रमशिला सेतु बंद होने से भागलपुर की बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित। बेगुसराय और पूर्णिया रूट पर यात्री घटे, राजस्व में भारी गिरावट।

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बंद होने का असर अब आम यात्रियों की जेब और सफर पर भारी पड़ रहा है। सेतु बंद होने की वजह से राज्य परिवहन निगम की बस सेवाओं में भारी गिरावट आई है, जिसके चलते कई रूटों पर बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब बेगुसarai, खगड़िया, सहरसा और मधेपुरा जाने वाले यात्रियों के पास ट्रेनों का सहारा लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। परिवहन विभाग ने कोशिश तो की कि सेवाएं जारी रहें, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी कम हो गई कि इन रूटों पर बसें चलाना घाटे का सौदा साबित होने लगा।
राजस्व में गिरावट और रूटों का संकट
सबसे ज्यादा असर पूर्णिया रूट पर पड़ा है, जो कभी भागलपुर में परिवहन निगम के लिए कमाई का सबसे बड़ा जरिया हुआ करता था। सेतु की खराबी के बाद बसों को जान्हवी चौक के रास्ते मोड़ा गया, लेकिन इस बदलाव ने यात्रियों को दूर कर दिया। गंगा पार करने की झंझट के कारण यात्रियों की संख्या घटकर महज 30 प्रतिशत रह गई है, जिससे निगम के राजस्व को बड़ा झटका लगा है।
इतना ही नहीं, रात की बसों की समय-सारणी भी बदल गई है। पहले जो बसें देर रात तक जिलों के बीच चलती थीं, अब पूर्णिया से आने वाली बसें शाम 6 बजे तक ही उपलब्ध हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि गंगा नदी पर चलने वाली फेरी सेवा शाम 5 बजे बंद हो जाती है, जिससे यात्री सफर करने से कतरा रहे हैं।
इस संकट से निपटने के लिए विभाग ने अब 'पिंक बसों' का सहारा लिया है। ये बसें बियाडा घाट से संचालित की जा रही हैं। खास बात यह है कि पहले ये केवल महिलाओं के लिए थीं, लेकिन अब यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पुरुषों को भी इनमें सफर करने की अनुमति दे दी गई है। यात्रियों को लुभाने के लिए किराया भी कम रखा गया है; बियाडा घाट से स्टेशन चौक तक का किराया मात्र 20 रुपये है, जबकि ऑटो और टोटो वाले 30 रुपये वसूल रहे हैं।
राज्य परिवहन निगम के प्रबंधक आशीष कुमार ने पुष्टि की है कि यात्रियों की भारी कमी के कारण कई जिलों के लिए बस सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं।