भागलपुर में विक्रमशिला सेतु की घटना और अन्य हादसों को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई है। 4 मई 2026 को भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर एक बड़ी घटना हुई, जब रात करीब 12:50 बजे पिलर नंबर 133 के पास एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया।
भागलपुर के जिला मजिस्ट्रेट नवल किशोर चौधरी ने पुष्टि की कि अधिकारियों की समय पर कार्रवाई से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे उस समय कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त और सड़क निर्माण विभाग तथा एनएचएआई के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इसके बाद बिहार राज्य पुल निगम के कार्यकारी अभियंता को निलंबित कर दिया गया।
बिहार राज्य पुल निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि आवश्यक सरकारी फंड मिलने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में तीन महीने लगने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में निर्माणधीन एक समानांतर पुल दिसंबर 2026 तक चालू होने वाला है।
हालांकि पुल गिरने से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन 24 मई 2026 को एक अलग घटना में पुल के मलबे के पास एक युवक का शव बरामद किया गया, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इलाके की बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की उच्चस्तरीय जांच और वित्तीय सहायता की मांग की है। एक अन्य घटना में 2 सितंबर 2026 को भागलपुर में गंगा नदी में नाव पलटने के बाद बाढ़ बचाव अभियान में शामिल 11 मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया; सभी के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई।