भागलपुर में विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और अस्थायी बंद को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। 28 अगस्त की रात से विक्रमशिला सेतु बंद होने वाला है। इस दौरान बेली ब्रिज को हटाने और क्षतिग्रस्त स्लैब की स्थाई मरम्मत का काम किया जाएगा। सीमांचल, कोसी और अंग क्षेत्र को जोड़ने वाले इस अहम रास्ते के बंद होने से लाखों लोगों पर असर पड़ने की उम्मीद है। बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच जलमार्ग को मुख्य जीवन रेखा बनाया गया है। प्रशासन ने चार बड़े स्टीमर तैयार किए हैं, जिनमें हर फेरे में 500 से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। गंगा का जलस्तर घटने पर बड़े नावों की फिटनेस की जांच भी की जा रही है।
जिला मजिस्ट्रेट अलंकारिता पांडे ने कहा है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट या लाइफ जैकेट वाली छोटी या जर्जर नावों के चलने पर पूरी तरह रोक रहेगी। नावों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए घाटों पर 24 घंटे मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। इसके अलावा, भारी वाहनों को मुंगेर और सुल्तानगंज के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है। स्थाई मरम्मत का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना है।
मायागंज अस्पताल जाने वाले गंभीर मरीजों को लेकर चिंता जताई गई है। स्थानीय दवा व्यापारी प्रदीप कुमार जैन का कहना है कि उफनती नदी पार करना समय पर इलाज मिलने में एक बड़ी चुनौती होगी। उद्यमी आलोक अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि तीन महीने के बंद से माल ढुलाई का काम रुक सकता है, जिससे जरूरी चीजों की कमी हो सकती है और दाम बढ़ सकते हैं। स्थानीय दूध विक्रेता सत्येंद्र यादव ने प्रशासन से अपील की है कि 'मुफ्त सेवा' के दावों से आगे बढ़कर जमीन पर नाविकों द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई की जाए।