विक्रमशिला सेतु मरम्मत: 15 दिसंबर तक स्लैब कास्टिंग का लक्ष्य, ट्रैफिक बहाली में चुनौती
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की मरम्मत तेज, 15 दिसंबर तक स्लैब कास्टिंग पूरी करने का लक्ष्य। जानें कब तक बहाल होगा ट्रैफिक।

भागलपुर के महत्वपूर्ण परिवहन लिंक विक्रमशिला सेतु मरम्मत का काम अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। बिहार राज्य सेतु निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार की देखरेख में इस प्रोजेक्ट की रफ्तार तेज कर दी गई है। प्रशासन ने सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों में कंक्रीट स्लैब की कास्टिंग पूरी करने के लिए 15 दिसंबर, 2026 की समय सीमा तय की है।
सेतु के कुल चार प्रभावित हिस्सों में से दो में स्टील गर्डर सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। वहीं, 8 नवंबर 2026 तक की अपडेट के अनुसार, तीसरे स्पैन में गर्डर लगाने का काम शुरू हो गया है। बाकी बचे दो हिस्सों में पुरानी और क्षतिग्रस्त कंक्रीट बीम को हटाने का काम तेजी से चल रहा है। जिन हिस्सों में गर्डर लगना बाकी है, वहां नई और मजबूत बेयरिंग लगाने की प्रक्रिया जारी है।
तकनीकी प्रक्रिया और ट्रैफिक बहाली की चुनौती
मरम्मत का यह काम काफी बारीकी से किया जा रहा है। गर्डर लॉन्च होने के बाद लोहे की शीट बिछाई जाती है, जिसके बाद स्टील रिइन्फोर्समेंट और कंक्रीट स्लैब की कास्टिंग की जाती है। हालांकि, 15 दिसंबर तक स्लैब कास्टिंग का लक्ष्य पूरा होने के बाद भी एक बड़ी तकनीकी चुनौती बाकी है।
- क्युरिंग पीरियड: स्लैब कास्टिंग के बाद कंक्रीट को मजबूती के लिए 28 दिनों तक क्योरिंग (तराई) की जरूरत होती है।
- लोड टेस्टिंग: ट्रैफिक शुरू करने से पहले पुल का कड़ा लोड टेस्ट किया जाएगा।
इन अनिवार्य तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण अधिकारियों का मानना है कि 14 जनवरी, 2027 तक पूरी तरह से ट्रैफिक बहाल करना एक बड़ी चुनौती होगी। इस बीच, आम जनता और माल परिवहन की समस्या को देखते हुए बरारी और बियाडा घाट के बीच कार्गो जहाजों का संचालन जारी रखा गया है ताकि आवाजाही पूरी तरह ठप न हो।