भागलपुर का विक्रमशिला सेतु 30 सितंबर 2026 की रात से पूरी तरह बंद रहेगा। यह काम तीन महीने तक चलेगा जिसमें बेली ब्रिज हटाना, नए स्टील गर्डर लगाना और स्लैब के क्रैक भरना शामिल है। भारी वाहनों के लिए सुल्तानगंज, मुंगेर, खगड़िया, नारायणपुर और बिहपुर होते हुए करीब 161 किलोमीटर का लंबा रास्ता रहेगा।
- 30 सितंबर 2026 की रात से विक्रमशिला सेतु पूरी तरह बंद
- तीन महीने तक चलेगा मरम्मत और रेस्टोरेशन का काम
- यात्रियों, साइकिल और मोटरसाइकिल के लिए 1 अक्टूबर से मुफ्त फेरी सेवा शुरू
यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से मुफ्त फेरी सेवा शुरू होगी।
यह सेवा यात्रियों, साइकिल और मोटर साइकिल के लिए पूरी तरह मुफ्त होगी जिसका खर्च बिहार सरकार उठाएगी। फेरी सेवा सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी और आखिरी नाव रोजाना शाम 5 बजे छूटेगी। सुरक्षा के लिए रात में संचालन बंद रहेगा। यह सेवा भागलपुर के बियाडा और बाबूपुर घाट तथा नौगछिया के जाह्नवी गंगा घाट से मिलेगी।
इस काम की देखरेख बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड कर रहा है। जिलाधिकारी अलंकृत पांडेय, डीएम नवल किशोर चौधरी और एसएसपी इसके समन्वय में हैं। बीआरओ और एसपी सिंगला एजेंसी निर्माण संभालेंगे जबकि कन्हैया लॉजिस्टिक्स, शार्क शिपिंग और जिरिया प्राइवेट लिमिटेड फेरी संचालन में मदद करेंगी। पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी इस पर नजर रख रहे हैं।
जलमार्ग पर सुरक्षा बहुत कड़ी है। जहाजों में 72 से 600 यात्री बैठेंगे और सभी के लिए लाइफ जैकेट पहनना जरूरी है। घाटों पर एमवीआई, ईएसआई, पुलिस बल, एसडीआरएफ टीम और डॉक्टर तैनात रहेंगे।
इंतजार करने की जगहों पर जीविका दीदी की रसोई खाना उपलब्ध कराएगी और अवैध दुकानों पर रोक होगी। एम्बुलेंस को कार्गो जहाजों और फेरियों से मुफ्त ले जाने की खास व्यवस्था है और बाबूपुर घाट माल ढुलाई का मुख्य केंद्र होगा।