विक्रमशिला सेतु पर चौबीस घंटे चल रहा तेज मरम्मत का काम

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर 24 घंटे मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है ताकि पुल को जल्द ठीक किया जा सके। 3 मई की रात को गंगा नदी में एक स्लैब गिरने के बाद बिहार पुल निर्माण निगम ने पुल की मरम्मत को सबसे जरूरी काम बना लिया है। प्रबंध निदेशक जितेंद्र कुमार और योजना सचिव शशि भूषण सिंह इस काम की देखरेख कर रहे हैं। इसका लक्ष्य तीन महीने में पुल को पूरी तरह ठीक करना है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मकर संक्रांति से पहले पुल के खुलने की उम्मीद नहीं है।
मरम्मत और स्लैब हटाने का काम
इस समय तीन खराब स्लैब को हटाने का काम चल रहा है, जिसमें से एक स्लैब को लगभग हटा दिया गया है। इसके अलावा टूटी हुई रेलिंग, दरार वाले खिसके हुए स्लैब और खराब एक्सपेंशन ज्वाइंट को भी हटाया जा रहा है। मुंबई की एक एजेंसी एमएडीसीओ की 48 सदस्यों की टीम खंभा नंबर 1 से 4 तक विशेष मजबूती देने का काम कर रही है। इसमें ग्राइंडिंग, कार्बन फाइबर, कार्बन लैमिनेट और हाई-कैपेसिटी कार्बन प्लेट लगाना शामिल है। इस काम में 20 दिन का समय लगने की उम्मीद है जिससे पुल का भार संतुलित होगा और इसकी उम्र लगभग 25 साल बढ़ जाएगी।
स्थाई मरम्मत और नया पुल
एस पी सिंगला कंस्ट्रक्शन को लगभग 99 करोड़ रुपये की लागत वाले स्थाई मरम्मत का ठेका मिला है। इसे पूरा करने का लक्ष्य 30 नवंबर 2026 तय किया गया है। इससे पहले सीमा सड़क संगठन और एस पी सिंगला की एजेंसियों ने 1 अक्टूबर से अस्थायी बेली ब्रिज को हटाना शुरू कर दिया था। मजबूती का काम पूरा होने के बाद पुल पर 160 टन क्षमता का आधुनिक लोड टेस्ट किया जाएगा। स्थाई स्टील ट्रस ब्रिज का ढांचा तैयार करने और नया कंक्रीट स्लैब डालने का काम 25-26 अक्टूबर के आसपास शुरू होना है। सड़क निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र द्वारा शुरू किए गए इस मरम्मत के दौरान पुल पर आवाजाही बंद है और गंगा नदी में वैकल्पिक नाव सेवा दी जा रही है।