विक्रमशिला सेतु पर 30 सितंबर की रात से तीन महीने के लिए गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। यह फैसला चार क्षतिग्रस्त स्पैन पर बेली ब्रिज की जगह ट्रस ब्रिज लगाने के लिए लिया गया है। 3 मई की रात गंगा में ब्रिज स्लैब गिरने के बाद बेली ब्रिज लगाया गया था। एसपी सिंगला निर्माण साइट पर इस काम के लिए गर्डर तैयार किए जा रहे हैं। इस निर्माण कार्य की अनुमानित लागत करीब 98 करोड़ रुपये है और इसे तीन महीने के भीतर पूरा किया जाना है।
आवाजाही बंद रहने के दौरान यात्रियों को वैकल्पिक सड़क मार्गों और जलमार्ग सेवाओं का सहारा लेना होगा। यात्रा को आसान बनाने के लिए बियाड़ा घाट से मुफ्त नाव सेवाएं चलेंगी, जबकि बाबूपुर घाट पर मालवाहक जहाज की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जलमार्ग से दोपहिया वाहन ले जाने के लिए शुल्क लिया जाएगा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए जहाजों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे और पुलिस गंगा में 24 घंटे गश्त करेगी। इसके अलावा, घाटों पर सहायक पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे और जनता की सेवा के लिए जीविका दीदी की रसोई कैंटीन चलेंगी।
विक्रमशिला सेतु पर यातायात रुकने से भागलपुर और नौगछिया, कटिहार तथा पूर्णिया जैसे क्षेत्रों के बीच सफर पर असर पड़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय व्यापार और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी बाधा आ सकती है। गंगा में बढ़ता जलस्तर और मौसमी बारिश प्रशासन के सामने अतिरिक्त चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट अलंकृत पांडेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन व्यवस्थाओं की पुष्टि की। ट्रस ब्रिज के निर्माण के अलावा, इस प्रोजेक्ट में पूरी संरचना के सभी एक्सपेंशन जोड़ों की व्यापक जांच भी शामिल होगी।