भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर 28 अगस्त 2026 को 15 किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया, जिससे लोगों को चार से पांच घंटे तक भारी परेशानी उठानी पड़ी। यह जाम नवगछिया से भागलपुर जीरो माइल तक फैल गया था और गाड़ियां देर रात तक पुल के 4.7 किलोमीटर हिस्से पर रेंगती रहीं।
- कंवरिया वाहनों की भारी संख्या
- याचल व्यवस्था की कमी
- पुल पर पुलिस बल न होना
- वाहनों का गलत तरीके से ओवरटेक करना
इस जाम के कारण एम्बुलेंस और मरीज चिलचिलाती धूप में फंसे रहे। कुछ यात्रियों को तो बच्चों को गोद में लेकर पैदल ही पुल पार करने को मजबूर होना पड़ा। यातायात अधिकारियों ने कहा है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। यह घटना 25 अगस्त 2026 को लगे एक और भारी जाम के बाद हुई है, जिससे मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, जिला पदाधिकारी अलंकृत पांडेय और पुलिस महानिरीक्षक विवेक कुमार के काफिले भी फंस गए थे, जिसके बाद ट्रैफिक डीएसपी और अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा था।
पुल के संचालन को लेकर प्रशासनिक असमंजस अभी भी बना हुआ है। हालांकि जिला पदाधिकारी अलंकृत पांडेय ने पहले संकेत दिया था कि 28 अगस्त की आधी रात से विक्रमशिला सेतु पर यातायात रोक दिया जाएगा और वैकल्पिक जल परिवहन का इस्तेमाल होगा, लेकिन वर्तमान रिपोर्टों से पुष्टि होती है कि अस्थायी बेली ब्रिज हटाने का काम चार हफ्ते के लिए टाल दिया गया है। वीआईपी नेता अर्पणा कुमारी ने 28 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेली ब्रिज को हटाने की संभावना की आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा कदम उठाने से भागलपुर, पूर्वी बिहार और सीमांचल के बीच सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित होगा, जिसका दुर्गा पूजा और छठ जैसे त्योहारों के समय सार्वजनिक परिवहन और व्यापार पर असर पड़ेगा।