भगतलपुर: शाहकुंड और सजोर के 16 स्थानों पर धूमधाम से हो रही विषहरी पूजा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भागलपुर के शाहकुंड और सजोर थाना क्षेत्रों में विषहरी पूजा का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह तीन दिवसीय उत्सव 17 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है, जिसका समापन 19 अगस्त को मूर्तियों के विसर्जन के साथ होगा। शाहकुंड SHO पवन कुमार ने बताया कि शिवशंकरपुर और पचरुखी सहित 12 जगहों पर पूजा हो रही है, जबकि सजोर SHO राजेश रंजन के अनुसार दसपुर, रामपुरडीह और सजोर समेत 4 स्थानों पर अनुष्ठान चल रहे हैं। पूरे जिले में यह पूजा 150 से ज्यादा जगहों पर आयोजित की जा रही है।
उत्सव की शुरुआत 16 अगस्त की रात 'बड़ी पूजा' से हुई। इस दौरान भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, 'कुंवारी दलिया' चढ़ाया गया और बाला लखेंद्र की शादी का जुलूस निकाला गया। 18 अगस्त को हजारों विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए देवी मनसा की पूजा की और 'खोइचा' अर्पित किया। इसके अलावा चंपानगर मंदिर परिसर में सती बिहुला की कथा पर आधारित लोक नाट्य का प्रदर्शन भी किया गया।
त्योहार को देखते हुए भागलपुर नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाया है। नगर आयुक्त की देखरेख में सोमवार को मुख्य सड़कों और गलियों से कचरा साफ किया गया। 19 अगस्त को होने वाले विसर्जन के लिए तालाबों की सफाई, लाइटिंग, पंडाल लगाने और विसर्जन मार्ग से अतिक्रमण हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
बिहार सरकार ने बिहुला-विषहरी पूजा को राज्य स्तरीय उत्सव घोषित किया है ताकि अंग क्षेत्र की लोक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिले। 19 अगस्त को होने वाले भव्य विसर्जन में पारंपरिक मंजुषा झांकियां निकाली जाएंगी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे।