भागलपुर में पश्चिम बंगाल के शिव भक्तों का आगमन हुआ है। यह यात्रा पर्यावरण को ध्यान में रखकर शुरू की गई है।
- पश्चिम बंगाल से आए शिव भक्तों का जत्था 20 अगस्त 2026 को भागलपुर पहुंचा।
- भक्त अपने साथ भगवान शिव और माता पार्वती की 110 किलोग्राम वजनी सुंदर झांकी लेकर चल रहे हैं।
- यह सभी श्रद्धालु कच्ची कांवरिया पथ से होते हुए देवघर की यात्रा पर हैं।
- यात्रा के दौरान सभी भक्त 'बोल बम' का जयकारा लगा रहे हैं।
इस विशेष कांवर को पर्यावरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसे बनाने में आठ दिन की कड़ी मेहनत लगी है। भाग लेने वाले भक्तों के अनुसार, बाबा के दरबार में आने की यह उनकी दस साल पुरानी परंपरा है। भक्तों की इस निष्ठा और झांकी की सुंदरता को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
पश्चिम बंगाल के भक्तों की यात्रा के साथ-साथ भागलपुर में अन्य धार्मिक आयोजन भी हुए।
21 अगस्त 2026 को वाल्मीकि नगर में कलाकारों ने भगवान शिव और माता पार्वती का रूप धारण किया, जिसके दर्शन कर वहां मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए। इसके अलावा, भागलपुर में आगामी झुलनोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं।
यह उत्सव 24 अगस्त से शुरू होने वाला है, जिसमें सजे हुए झूलों पर राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ की मूर्तियां विराजमान होंगी।