भागलपुर जिले में दुर्गा पूजा का त्योहार खत्म होने के बाद परवल के व्यापार में बहुत तेजी आई है। पश्चिम बंगाल के व्यापारी खरीक इलाके के स्थानीय किसानों से सीधे फसल खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए एक नया और जरूरी बाजार मिल गया है। क्षेत्र के कई किसानों के लिए परवल की खेती ही कमाई का मुख्य जरिया है, जिसमें मेहनत और पैसे की बहुत जरूरत होती है।
पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के आने से किसानों को अपनी फसल बेचने का एक और जरिया मिल गया है, जिससे व्यापार बढ़ने की उम्मीद जगी है। पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के लिए यह व्यापार एक बड़ा मौका है, क्योंकि वे यहां से परवल खरीदकर दूसरे बाहरी बाजारों में ले जाना चाहते हैं। मांग बढ़ने से
क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के मजबूत होने की उम्मीद है।
पत्रकार लालू कुमार के अनुसार, अभी स्थानीय किसान यह देख रहे हैं कि मिलने वाले दाम टिक पाएंगे या नहीं। स्थानीय कृषि क्षेत्र की आगे की तरक्की इस बात पर निर्भर करती है कि किसानों को लगातार बाजार मिले और उनकी मेहनत तथा लागत के हिसाब से सही पैसा मिले।