सावन महीने के सिंह नक्षत्र के पहले रविवार को भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ जमा हुई। संजय झा की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय ब्लॉक और आसपास के इलाकों से महिलाएं दोपहर भर अजगैवीनाथ मंदिर घाट, नमामि गंगे घाट और नई सीढ़ी घाट पर पहुंचीं और उन्होंने पवित्र स्नान तथा पूजा-अर्चना की।
भक्तों ने नदियों, तालाबों और कुओं जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के पास इन अनुष्ठानों को करने के धार्मिक महत्व पर जोर दिया। प्रतिभागियों ने बताया कि पूजा स्थल पर फलाहार करना, यानी फल आधारित आहार लेना, उनके बेटों और पतियों को लंबी उम्र का आशीर्वाद देने वाला माना जाता है। पंडितों ने समझाया कि सिंह नक्षत्र के दौरान भगवान भास्कर (सूर्य देव) की पूजा करना बहुत शुभ होता है, जिससे भक्तों के लिए सुख, समृद्धि और मनचाहा फल मिलने का वादा पूरा होता है।
यह आयोजन चल रहे श्रावणी मेला 2026 के साथ मेल खाता है, जो 28 जुलाई से 28 अगस्त तक है। नमामि गंगे घाट पर मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए इस त्योहार में भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन तथा बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभागों के समन्वय से प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सुल्तानगंज आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों का समर्थन करने के लिए, अधिकारियों ने मजबूत सुरक्षा उपाय लागू किए हैं और भागलपुर तथा अजगैवीनाथ धाम दोनों स्टेशनों पर 24 घंटे की चिकित्सा सुविधाएं स्थापित की हैं। इसके अलावा, जिला प्रशासन मासदी मोड़ से धनी बेलारी तक कांवरिया मार्ग पर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक सक्रिय अभियान चला रहा है।