संसार हिल गया! सनहोला प्रखंड कार्यालय में महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की लाभार्थी सूची से नाम काटे जाने के विरोध में 30 से 40 महिलाओं के एक समूह ने सनहोला प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
- सनहोला ब्लॉक ऑफिस में महिलाओं का प्रदर्शन
- बीडीओ को सौंपा गया आवेदन
- योजना सूची में नाम हटाने की जांच की मांग
प्रमुख बातें और नियम
प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) को एक औपचारिक आवेदन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि इस बात की जांच की जाए कि उनके नाम आवास योजना से क्यों हटाए गए हैं। सनहोला में यह प्रदर्शन PMAY सूची में गड़बड़ियों को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में फैल रहे व्यापक असंतोष का हिस्सा है। इसी तरह की अन्य घटनाएं भी हाल ही में सामने आई हैं, जिनमें 29 सितंबर 2026 को बक्सर में हुआ प्रदर्शन भी शामिल है, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि सूची में पात्र लोगों की जगह अमीर परिवारों को शामिल कर दिया गया है। एक अन्य मामले में 26 सितंबर 2026 को समस्तीपुर में महिलाओं ने एक आवास सहायक द्वारा रिश्वत लिए जाने के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।
PMAY ढांचे के तहत, योजना के लिए पात्रता तय करने वाले खास नियम हैं, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए तीन लाख रुपये तक और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए छह लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आय सीमा शामिल है। पात्रता के लिए जरूरी है कि परिवार के पास भारत में कहीं भी पक्का मकान न हो और उसे पहले केंद्र सरकार से आवास सहायता न मिली हो। सरकार ने हाल ही में जुलाई 2026 में PMAY-ग्रामीण के नियमों को अपडेट किया है, जिसमें 15,000 रुपये तक की मासिक आय वाले परिवारों को शामिल किया गया है और लोगों को अनुमति दी गई है कि अगर उन्हें लगता है कि सूची से उनका नाम गलत तरीके से काटा गया है, तो वे प्रशासनिक समीक्षा के लिए आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।