बरारी सीढ़ी घाट पर स्टंट करते फिसला युवक

भागलपुर के गंगा घाट पर स्टंट करने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। सोमवार, 7 सितंबर को बरारी सीढ़ी घाट पर एक युवक नदी में छलांग लगाने की कोशिश में फिसलकर गिर गया, जिससे वहां सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह घटना अगस्त के अंत और सितंबर 2026 की शुरुआत में गंगा के जलस्तर में भारी वृद्धि के बीच हुई है, जहां नदी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
- बरारी सीढ़ी घाट पर दौड़कर नदी में कूदने की कोशिश में युवक फिसला।
- गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
- घाट पर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की कमी पर सवाल उठे हैं।
- एसडीआरएफ और आपदा मित्रों द्वारा हाल ही में कई लोगों की जान बचाई गई है।
गंगा का बढ़ा जलस्तर और सुरक्षा के उपाय
इन उपायों के बावजूद, बरारी सीढ़ी घाट जोखिम भरे बर्ताव का केंद्र बना हुआ है। 31 अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया था कि घाट पर कोई स्थायी बैरिकेडिंग या जल सुरक्षा बुनियादी ढांचा नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि नगर निगम ने जुलाई और अगस्त में श्रावणी मेला के दौरान गहरे पानी तक पहुंच को रोकने के लिए बांस की बैरिकेडिंग लगवाई थी और एसडीआरएफ कर्मियों को तैनात किया था, फिर भी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 23 अगस्त को सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप किया जब एक युवक स्नान करने के लिए इन बाधाओं को पार करने की कोशिश कर रहा था।
हाल ही में हुई अन्य घटनाएं और रेस्क्यू ऑपरेशन
हाल के दिनों में इस क्षेत्र में पानी से जुड़ी कई घटनाएं देखने को मिली हैं। एसडीआरएफ की टीम ने 2 सितंबर को एक 20 वर्षीय युवक को बचाया, 3 सितंबर को उफनती नदी में कूदने के बाद एक अन्य युवक को बचाया गया और 28 अगस्त को घरेलू विवाद के बाद 'आपदा मित्रों' द्वारा एक महिला को बचाया गया। इसके अलावा, 10 अगस्त को एसडीआरएफ कर्मियों द्वारा इसी घाट पर मोहन कुमार को तेज धाराओं से बचाया गया था। 7 सितंबर 2026 तक, बढ़ता जलस्तर स्थिति को और जटिल बना रहा है, 6 सितंबर तक बाढ़ का पानी बरari श्मशान घाट के विद्युत शवदाह गृह तक पहुंच गया है।