बिहार के सरकारी स्कूलों में 46,000unused LPG सिलेंडर, 2 साल से पड़े हैं, शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

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बिहार के सरकारी स्कूलों में दो साल से unused LPG सिलेंडर पड़े हैं। शिक्षा विभाग ने इन्हें वापस करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
पटना में शिक्षा विभाग को एक नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही की समीक्षा में पता चला कि लगभग 46,000 वाणिज्यिक LPG सिलेंडर, जो सरकारी स्कूलों को मिड-डे मील योजना के तहत दिए गए थे, पिछले दो साल सेUnused पड़े हैं।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 22,838 स्कूलों ने 45,860 unused 19-kg के सिलेंडर वापस नहीं किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 11.80 करोड़ रुपये है। ये सिलेंडर एक दशक से भी पहले बिना किसी सुरक्षा के दिए गए थे और इन्हें तब लौटाना था जब स्कूलों को घरेलू LPG कनेक्शन मिल गए थे।
मुजफ्फरपुर डिवीजन में सबसे ज्यादा सिलेंडर वापस नहीं किए गए हैं, जिनकी संख्या 18,494 है। इसके बाद पटना में 16,899 और बेगूसराई में 10,067 सिलेंडर हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने जिला वार सूची जारी की है और सिलेंडर वापस करने के लिए बार-बार मिड-डे मील निदेशालय को कहा है।
शिक्षा विभाग ने अब जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सिलेंडर लौटाने की प्रक्रिया को तेज करें। सिलेंडर का उपयोग 2014-15 के वित्तीय वर्ष में शुरू हुआ था और जब पिछले साल घरेलू कनेक्शन शुरू हुए, तब ये वाणिज्यिक सिलेंडर बेकार हो गए।
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों से तुरंत सिलेंडर वापस करने की अपील की है। अगर और देरी होती है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि विभाग और तेल कंपनियों के लिए वित्तीय नुकसान का भी खतरा है।
Summary:
- बिहार के सरकारी स्कूलों में दो साल से unused LPG सिलेंडर हैं।
- 22,838 स्कूलों ने 45,860 सिलेंडर वापस नहीं किए हैं।
- मुजफ्फरपुर में सबसे ज्यादा सिलेंडर वापस नहीं हुए हैं।
- शिक्षा विभाग ने सिलेंडर लौटाने के लिए जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
- सभी स्कूलों से तुरंत सिलेंडर लौटाने की अपील की गई है।