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बिहार में 1.18 लाख करोड़ रुपये के पांच एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट, 2027 तक परिवहन ढांचे में बदलाव की उम्मीद

Lov Singh26 November 20252 min read0 views
बिहार में 1.18 लाख करोड़ रुपये के पांच एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट, 2027 तक परिवहन ढांचे में बदलाव की उम्मीद


What’s inside:

बिहार में पांच बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी गई है, जो राज्य के यातायात को 2027 तक सुधारने का लक्ष्य रखते हैं।




पटना में पांच बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है, जिनकी लागत 1.18 लाख करोड़ रुपये है। ये प्रोजेक्ट्स बिहार के परिवहन ढांचे को 2027 तक पूरी तरह से बदलने का वादा कर रहे हैं। इन हाई-स्पीड कॉरिडोर का कुल लंबाई 1,626 किलोमीटर से ज्यादा होगी।


इस परियोजना का भूमि अधिग्रहण पहले से ही अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि ये एक्सप्रेसवे कृषि और उद्योग केंद्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगे। इससे यात्रा का समय भी कम होगा और माल ढुलाई में सुधार आएगा।


इन पांच रूट्स में से वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे सबसे तैयार है। यह रूट 245 किलोमीटर लंबा है और इसकी लागत लगभग 28,415 करोड़ रुपये है। इससे पटना और पूर्व बिहार के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और औद्योगिक संबंध भी बढ़ेंगे।


एक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रक्सौल ड्राई पोर्ट को हल्दिया पोर्ट से जोड़ने वाला है। यह 407 किलोमीटर लंबा है और इसकी लागत 26,407 करोड़ रुपये है। इससे बिहार एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और निर्यात केंद्र बन सकेगा।


राज्य और केंद्रीय सरकार ने 2027 तक पूरे नेटवर्क को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि ये एक्सप्रेसवे व्यापार, रोजगार और यात्रा के नए अवसर प्रदान करेंगे।





Summary:

  • बिहार में पांच एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हुआ।

  • इनकी कुल लागत 1.18 लाख करोड़ रुपये है।

  • वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे सबसे आगे है।

  • रक्सौल को हल्दिया पोर्ट से जोड़ने की योजना है।

  • 2027 तक पूरा नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है।



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