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बिहार में बार-हेडेड गीज़ “गगन” की अद्भुत वापसी, अंतरराष्ट्रीय प्रवास का पहला रिकॉर्ड दर्ज

Lov Singh10 December 20252 min read0 views
बिहार में बार-हेडेड गीज़ “गगन” की अद्भुत वापसी, अंतरराष्ट्रीय प्रवास का पहला रिकॉर्ड दर्ज


What’s inside:

यह लेख बिहार में एक बार-हेडेड गीज़ की यात्रा के बारे में है, जिसने शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खोले हैं।




पटना से एक रोचक खबर आई है। एक बार-हेडेड गीज़ जिसे “गगन” नाम दिया गया है, ने अपनी यात्रा पूरी की है। यह गीज़ बिहार में ठंड के मौसम में आने वाले परिंदों की यात्रा के बारे में नई जानकारी दे रही है।


गगन ने जमुई के नागी डेम बर्ड सैंक्चुअरी से तिब्बत के नम्कू झील तक की यात्रा की। यह यात्रा बिहार के वन और जलवायु परिवर्तन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के संयुक्त प्रयास से ट्रैक की गई।


इस गीज़ ने फरवरी में बिहार छोड़कर भोगलपुर होते हुए नेपाल और फिर तिब्बत तक की उड़ान भरी। कुल मिलाकर, इसने लगभग 780 किलोमीटर की दूरी तय की और हिमालय की ऊंचाई पर उड़ान भरने के दौरान 5,220 मीटर तक पहुंची।


6 दिसंबर को गगन फिर से नागी डेम पर देखी गई, जिसने लगभग 1,560 किलोमीटर की यात्रा पूरी की। यह बिहार से एक बार-हेडेड गीज़ की पहली अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की उड़ान है, जो बिहार के जलवायु के महत्व को दर्शाती है।


बिहार के वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आनंद किशोर ने बताया कि यह रिकॉर्ड बिहार की वैज्ञानिक संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य के wetlands अंतरराष्ट्रीय महत्व के पारिस्थितिकी तंत्र हैं और इसे सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।





Summary:

  • गगन नामक गीज़ ने बिहार से तिब्बत तक की यात्रा की।

  • यह यात्रा वैज्ञानिकों के लिए नई जानकारी लाती है।

  • गगन ने 1,560 किलोमीटर की यात्रा पूरी की।

  • बिहार के wetlands का पारिस्थितिकी महत्व बढ़ा है।

  • राज्य संरक्षण में और अधिक प्रयास करेगा।



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