बिहार में सड़क नेटवर्क का विकास, 2027 तक पटना से सभी जगहों तक यात्रा का समय चार घंटे करने का लक्ष्य

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बिहार में सड़क नेटवर्क के विकास पर एक रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें पिछले पांच साल में हुई प्रगति का विवरण है।
पटना में, बिहार सरकार ने पिछले पांच साल में अपने सड़क नेटवर्क को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सड़क निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने सोमवार को इस संबंध में एक रिपोर्ट कार्ड जारी किया, जिसमें 2020 से 2025 तक की प्रगति का जिक्र किया गया है।
मंत्री नितिन नबीन ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग बिहार के सभी हिस्सों में आसानी और सुरक्षा से यात्रा कर सकें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तय किया है कि कोई भी स्थान पटना से पांच घंटे से ज्यादा दूर नहीं होना चाहिए, और 2027 तक इसे चार घंटे में लाने का काम चल रहा है।
सड़क निर्माण में कई पहल की जा रही हैं, जैसे एकल लेन की सड़कों को दो लेन में बदलना और व्यस्त स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर का निर्माण। इसके अलावा, शहरों के चारों ओर बाईपास भी बनाए जा रहे हैं ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके।
बिहार में कई नदियाँ हैं, इसलिए पुलों का निर्माण भी एक बड़ा फोकस है। 15 नए पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है और 17 और बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, बिहार रिंग रोड जैसी योजनाएँ भी चल रही हैं, जिससे शहरी परिवहन में सुधार होगा।
बिहार ने 2025 में एक पुल प्रबंधन और रखरखाव नीति शुरू की है, जो पुलों की नियमित जांच और मरम्मत सुनिश्चित करेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार सड़कों के दीर्घकालिक रखरखाव पर भी ध्यान दे रही है, जिससे यात्राओं को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सके।
Summary:
- बिहार में सड़क नेटवर्क के सुधार पर पांच साल की रिपोर्ट जारी की गई।
- यात्रा समय को कम करने के लिए कई परियोजनाएँ चल रही हैं।
- नए पुलों और बाईपास का निर्माण किया जा रहा है।
- बिहार ने पुलों के रखरखाव के लिए नई नीति लागू की है।
- सड़कें और पुलों की सुरक्षा और दीर्घकालिक रखरखाव पर जोर दिया जा रहा है।