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भागलपुर में IIIT ने विकसित की ‘साइलेंट लूम’, 70,000 बुनकरों के लिए स्वास्थ्य सुधार की उम्मीद।

Lov Singh5 December 20252 min read0 views
भागलपुर में IIIT ने विकसित की ‘साइलेंट लूम’, 70,000 बुनकरों के लिए स्वास्थ्य सुधार की उम्मीद।


What’s inside:

भैरवी में बिना आवाज़ के कपड़ा बुनाई मशीन का विकास हुआ है, जो बुनकरों के लिए राहत लाएगा।




भागलपुर में, एक नई मशीन का विकास हुआ है जो बुनाई के काम को आसान बनाएगी। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) भागलपुर ने एक “बिना आवाज़ वाली बुनाई मशीन” बनाई है। यह मशीन पारंपरिक मशीनों की तुलना में 70-80% कम शोर करेगी।


इस तकनीक के पीछे डॉ. गौरव कुमार हैं, जो इस क्षेत्र में काम करने वाले 70,000 से अधिक लोगों के लिए राहत की उम्मीद कर रहे हैं। खासकर नाथनगर और चंपानगर के बुनकरों के लिए यह मशीन बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है, जहां हर घर में बुनाई का काम होता है।


भागलपुरी सिल्क और लिनन कपड़े की मांग बहुत है, लेकिन बुनाई मशीनों के शोर के कारण बुनकरों को स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। डॉ. कुमार का कहना है कि इस मशीन से बुनकरों का काम करने का माहौल सुधरेगा और उनकी उत्पादकता भी बढ़ेगी।


यह मशीन अभी शुरुआती चरण में है और इसके क्षेत्र में परीक्षण होने वाले हैं। अगर ये परीक्षण सफल होते हैं, तो IIIT भागलपुर इसे बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की योजना बना रहा है।


बुनकरों ने इस विकास का स्वागत किया है। वे लंबे समय से मशीनों के शोर से परेशान हैं। यदि यह मशीन सफल होती है, तो यह हजारों बुनकरों की जिंदगी बदल सकती है और भैरवी सिल्क की पहचान को और मजबूत कर सकती है।





Summary:

  • IIIT भागलपुर ने बिना आवाज़ वाली बुनाई मशीन विकसित की है।

  • यह मशीन पारंपरिक मशीनों की तुलना में 70-80% कम शोर करेगी।

  • 70,000 से अधिक बुनकरों को इससे राहत मिलेगी।

  • प्रारंभिक परीक्षण जल्द ही शुरू होंगे।

  • यह मशीन बुनकरों की जिंदगी को बेहतर बनाने की उम्मीद जगाती है।



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