किशनगंज: डॉ. कलाम कृषि कॉलेज में पांच दिवसीय कृषि प्रशिक्षण संपन्न
डॉ. कलाम एग्रीकल्चर कॉलेज किशनगंज में बांका के किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों पर पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

किशनगंज के डॉ. कलाम एग्रीकल्चर कॉलेज में आधुनिक खेती की बारीकियों को समझाने के लिए आयोजित एक विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। 'उन्नत कृषि तकनीकों के माध्यम से फसल उत्पादन' विषय पर आधारित इस पांच दिवसीय कैंप में बांका जिले के करीब 30 किसानों ने हिस्सा लिया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन ATMA, बांका के सहयोग से किया गया, जिसका मकसद किसानों को पारंपरिक खेती से निकालकर वैज्ञानिक खेती की ओर ले जाना था।
किसानों ने सीखे आधुनिक खेती के गुर
2 नवंबर से 6 नवंबर तक चले इस प्रशिक्षण के दौरान किसानों को केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया। प्रशिक्षण में शामिल किसानों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई:
- मिट्टी का स्वास्थ्य: मिट्टी की सेहत को कैसे सुधारें और उसका सही प्रबंधन कैसे करें।
- उर्वरक उपयोग: संतुलित खाद और उर्वरकों के इस्तेमाल का सही तरीका।
- कीट नियंत्रण: फसलों को बीमारियों और हानिकारक कीटों से बचाने के आधुनिक उपाय।
- संसाधन संरक्षण: प्राकृतिक संसाधनों को बचाते हुए अधिकतम पैदावार कैसे लें।
सिर्फ क्लासरूम ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि इन किसानों को प्रगतिशील किसानों के खेतों का दौरा भी कराया गया। वहां उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि कैसे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर फसल की पैदावार और गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है।
समापन समारोह के दौरान ATMA, बांका के प्रतिनिधि और सहायक तकनीकी प्रबंधक रवि शास्त्री ने कॉलेज की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रोग्राम किसानों को नई तकनीक से जोड़ने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।
पूरा कार्यक्रम कोर्स डायरेक्टर डॉ. आयशा फातिमा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. श्वेता कुमारी, डॉ. नागार्जुन पी. और डॉ. हीना परवीन ने अहम भूमिका निभाई, जबकि कोर्स कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी डॉ. कृष्णा डी. करजागी और डॉ. केविन क्रिस्टोफर ने संभाली।