Amas-Darbhanga Expressway: बिहार में अब 5 घंटे का सफर मात्र 2.5 घंटे में, इन 7 जिलों की बदल जाएगी किस्मत

बिहार के लोगों के लिए सफर अब और भी आसान होने जा रहा है। राज्य में बन रहे आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे (NH-119D) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह बिहार का पहला एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा जो उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से सीधा जोड़ेगा। इसके बनने के बाद औरंगाबाद और गया से दरभंगा जाने में लगने वाला समय लगभग आधा हो जाएगा। अभी इस दूरी को तय करने में 5 से 6 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ 2.5 से 3 घंटे में पूरा हो सकेगा।
किन जिलों से होकर गुजरेगा यह एक्सप्रेसवे?
यह एक्सप्रेसवे औरंगाबाद जिले के आमस से शुरू होगा, जो दिल्ली-कोलकाता NH-19 पर स्थित है। वहां से यह दरभंगा जिले के बेला नवादा तक जाएगा, जहां यह ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (NH-27) से मिल जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 189 किलोमीटर है। यह प्रोजेक्ट बिहार के 7 जिलों को आपस में जोड़ेगा जिससे व्यापार और आवागमन दोनों में सुविधा होगी।
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा:
- औरंगाबाद
- गया
- जहानाबाद
- नालंदा
- पटना
- वैशाली
- दरभंगा
कब तक पूरा होगा काम और क्या है इसकी खासियत?
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इसे दिसंबर 2026 तक पूरी तरह तैयार कर लिया जाए, हालांकि कुछ हिस्सों को 2026 के मध्य में ही खोलने की योजना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में इससे जुड़े कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल का निरीक्षण भी किया है जो इस रूट का एक अहम हिस्सा है।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:
| कुल लागत | लगभग 5000 – 6000 करोड़ रुपये |
| लेन की संख्या | 4 लेन (भविष्य में 6 लेन संभव) |
| रफ़्तार सीमा | 120 किलोमीटर प्रति घंटा |
| एयरपोर्ट कनेक्टिविटी | गया, पटना और दरभंगा एयरपोर्ट |