भागलपुर के नारायणपुर अस्पताल में गर्भवती महिला की पर्ची को लेकर दो आशा कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

MyBhagalpur Team9 September 20261 min read22 viewsHealth
भागलपुर के नारायणपुर अस्पताल में गर्भवती महिला की पर्ची को लेकर दो आशा कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

भागलपुर के नारायणपुर अस्पताल में एक गर्भवती महिला के रजिस्ट्रेशन पर्ची को लेकर दो आशा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। संस्थागत प्रसव की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर हुआ यह झगड़ा इस क्षेत्र के जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सामने आने वाली लगातार काम की परेशानियों को दिखाता है। आशा कार्यकर्ताओं को ग्राम स्वास्थ्य सूचकांक रजिस्टर और आरसीएच पोर्टल पर जानकारी अपडेट करके प्रसव पूर्व देखभाल, प्रसव सेवाओं और टीकाकरण की सुविधा देने का मुख्य काम सौंपा गया है। उनके काम में सभी गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करना, प्रसव की जगहों की पहचान करना, गाड़ी का इंतजाम करना और परिवार के सदस्यों से मदद का तालमेल बिठाना शामिल है। तय स्वास्थ्य नियमों के मुताबिक, इन कार्यकर्ताओं को समय पर रजिस्ट्रेशन और अस्पताल में इलाज पक्का करने के लिए अपने इलाके के सभी परिवारों की जानकारी हर छह महीने में अपडेट करनी होती है।

कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और निगरानी

हालांकि यह खास घटना स्थानीय अनबन को दिखाती है, लेकिन यह बड़े स्तर पर काम की निगरानी के बीच हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पहले ही निर्देश दिया है कि जिन आशा कार्यकर्ताओं की लाभार्थी रजिस्ट्रेशन में कोई प्रगति नहीं दिखती है या जो सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने में नाकाम रहती हैं, उन्हें दोबारा ट्रेनिंग दी जा सकती है या हटाया जा सकता है। ऐसी ही लड़ाइयां दूसरे इलाकों में भी देखी गई हैं, जहां पिछले मामलों में अक्सर अपने फायदे के आरोप या सेवा देने में लापरवाही शामिल रही है। आशा कार्यकर्ताओं की तरफ से मानदेय बढ़ाने और काम करने की स्थिति सुधारने की तमाम मांगों के बावजूद, प्रशासनिक ध्यान इस बात पर है कि सरकारी स्वास्थ्य नियमों के मुताबिक हर गर्भवती महिला को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए जरूरी मदद मिले।

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