बांका में न्यूक्लियर प्लांट के लिए जमीन सर्वे हुआ पूरा, अब सीवान में शुरू हुआ काम

Hariom Mishra23 February 20262 min read5 viewsBihar
बांका में न्यूक्लियर प्लांट के लिए जमीन सर्वे हुआ पूरा, अब सीवान में शुरू हुआ काम

बिहार में बिजली उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने अपनी रफ़्तार तेज कर दी है। हाल ही में पटना के विद्युत भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने की। इसमें बांका और नवादा जैसे जिलों में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की गई। अच्छी खबर यह है कि बांका में जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है और अब सीवान में भी जांच शुरू कर दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स के आने से राज्य में बिजली की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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बांका और सीवान में क्या है मौजूदा स्थिति?

बांका जिले के शंभूगंज और भितिया इलाकों में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। तकनीकी रूप से ये जगहें न्यूक्लियर प्लांट के लिए सही पाई गई हैं क्योंकि यहाँ पथरीली जमीन है और आबादी भी कम है। वहीं, सीवान में भी जमीन की जांच और जियो-असेसमेंट का काम शुरू हो गया है। नवादा का रजौली भी इस दौड़ में सबसे आगे है, जहाँ पहले चरण में करीब 20,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालाँकि, इन प्लांट्स के लिए साल भर पानी की उपलब्धता एक चुनौती है, जिसके लिए गंगा नदी से पाइपलाइन लाने या नेपाल से आने वाली नदियों का पानी स्टोर करने पर विचार चल रहा है।

सौर ऊर्जा और रोजगार के नए अवसर

सिर्फ न्यूक्लियर ही नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा पर भी तेजी से काम हो रहा है। लखीसराय के कजरा में 1,232 एकड़ में फैले सोलर प्लांट के पहले फेज से बिजली मिलनी शुरू हो गई है और कमर्शियल सप्लाई के लिए समझौता भी हो गया है। इसके अलावा, नवादा में ग्रीनको और सन पेट्रोकेमिकल्स जैसी बड़ी कंपनियां 13,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। ये कंपनियां ‘पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट’ लगाएंगी, जिससे बिजली स्टोर की जा सकेगी। इन प्रोजेक्ट्स के बनने के दौरान करीब 8,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इससे बिहार की दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी और आम लोगों को सस्ती बिजली मिल सकेगी।

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