दिवाली से पहले पूर्णिया में स्थानीय कारीगरों का सम्मान, विधायक ने खरीदे दीये
बनमनखी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने पूर्णिया के धीमा गांव में कुम्हारों का सम्मान किया और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की।

दिवाली के त्योहार से पहले पूर्णिया जिले के धीमा गांव में एक खास नजारा देखने को मिला। बनमनखी विधायक और व्हिप कृष्ण कुमार ऋषि ने गांव का दौरा कर यहां के स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने न केवल इन कलाकारों की मेहनत की सराहना की, बल्कि खुद उनके द्वारा बनाए गए मिट्टी के दीये खरीदकर 'वोकल फॉर लोकल' के संदेश को जमीन पर उतारा।
इस मौके पर विधायक ने प्रजापति समुदाय के कई शिल्पकारों को सम्मानित किया। उन्होंने बुद्धन पंडित, शिव नारायण पंडित, जगदीश पंडित, शिबू पंडित, विजय पंडित, रामलाल पंडित, डरोगी पंडित, शंभू पंडित, तेज नारायण पंडित, संजय पंडित, योगेंद्र पंडित और जनक पंडित सहित अन्य कारीगरों को शॉल और मालाएं भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया।
स्वदेशी अपनाकर बनेगा आत्मनिर्भर भारत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृष्ण कुमार ऋषि ने आम जनता से अपील की कि वे भारत में बने उत्पादों और स्थानीय सेवाओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटे उत्पादकों, निर्माताओं और मजदूरों के कौशल को पहचानना बेहद जरूरी है। विधायक के अनुसार, जब हम स्थानीय प्रतिभाओं का समर्थन करेंगे, तभी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश वास्तव में 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर अग्रसर होगा।
बता दें कि धीमा गांव मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों का एक बड़ा केंद्र है, जहां साल भर लगभग 70 परिवार इस पुश्तैनी काम से जुड़े हुए हैं। यहां के कारीगर दीयों और धूपदान के अलावा शादी-ब्याह के बर्तनों और अन्य पारंपरिक मिट्टी के पात्र बनाते हैं। इस साल दिवाली के लिए गांव में करीब 25 लाख दीये तैयार किए गए हैं, जो अब अलग-अलग बाजारों और ग्रामीण इलाकों में भेजे जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में उनके साथ अमितेश सिंह, दिलीप झा और युवा मोर्चा अध्यक्ष सानू सिंह भी मौजूद रहे।