बरबीघा से पंजवारा तक 190 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का काम हुआ तेज, बिहार से झारखंड जाना होगा आसान

Lov Singh26 January 20262 min read10 viewsDevelopment and good news
बरबीघा से पंजवारा तक 190 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का काम हुआ तेज, बिहार से झारखंड जाना होगा आसान

बिहार में सड़कों के ढांचे को सुधारने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी कवायद तेज कर दी है। बरबीघा से बांका के पंजवारा तक जाने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए (NH-333A) को फोरलेन में बदलने का काम गति पकड़ चुका है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि बिहार के शेखपुरा, जमुई और बांका जिलों का आर्थिक विकास भी होगा।

कहां से कहां तक जाएगी यह सड़क?

यह महत्वपूर्ण फोरलेन सड़क शेखपुरा जिले के बरबीघा स्थित श्रीकृष्ण चौक से शुरू होकर जमुई और बांका होते हुए पंजवारा तक जाएगी। इस हाइवे की कुल लंबाई 190 किलोमीटर होगी। खास बात यह है कि यह सड़क आगे चलकर भागलपुर से हंसडीहा जाने वाले एनएच-131ई से जुड़ जाएगी, जिससे बिहार से झारखंड आने-जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।

जमीन अधिग्रहण और मुआवजे पर बड़ा अपडेट

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की देखरेख में चल रहे इस प्रोजेक्ट के लिए भू-अर्जन विभाग ने कमर कस ली है। शेखपुरा जिले में सड़क के लिए जरूरी जमीन की पहचान लगभग पूरी कर ली गई है। विभाग ने रैयतों को जमीन का मुआवजा देने के लिए कैंप भी लगाने शुरू कर दिए हैं। शेखपुरा में निजी जमीन के अधिग्रहण के लिए विभाग को 72 करोड़ रुपये की राशि मिली है, जिसे 2991 रैयतों में बांटा जाना है।

सड़क की चौड़ाई और बनावट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में इस फोरलेन की चौड़ाई 25 मीटर रखी जाएगी, जबकि खुले इलाकों में यह 40 मीटर चौड़ी होगी। इस पूरी परियोजना में करीब 11 प्रमुख जंक्शन बनाए जाएंगे ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या न हो।

विवरण जानकारी
कुल लंबाई 190 किलोमीटर
रूट बरबीघा-शेखपुरा-जमुई-बांका-पंजवारा
सड़क की चौड़ाई 25 मीटर (शहरी) से 40 मीटर (ओपन)
मुआवजा (शेखपुरा) 72 करोड़ रुपये

इन जगहों पर बनेंगे जंक्शन प्वाइंट

यात्रियों की सुविधा के लिए इस रूट पर कई महत्वपूर्ण जंक्शन प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें चेवाड़ा, सिकंदरा, जमुई, मल्लेहपुर, गिद्धौर, झाझा, भैरोगंज, रजवारा, कटोरिया, ककबारा और बांका शामिल हैं। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने जानकारी दी है कि शेखपुरा जिले में 35 मौजा इस दायरे में आ रहे हैं, जिसमें से अधिकतर जमीन सरकारी और निजी तौर पर चिन्हित कर ली गई है।

Share:

Comments

Leave a comment