भागलपुर के बेलदorer प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को टीबी के मरीजों के लिए एक मेडिकल कैंप लगाया गया जिसमें पचास मरीजों को पोषण युक्त खाद्य सामग्री की टोकरियां बांटी गईं। अजय कुमार सिंह की इस रिपोर्ट के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी का इलाज करा रहे मरीजों के पोषण स्तर को मजबूत करना था।
- बेलदौर पीएचसी में पचास टीबी मरीजों को मिले पोषण खाद्य बास्केट
- नियमित दवा और पौष्टिक खानपान पर दिया गया जोर
- प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हुआ वितरण
वितरण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मुकेश कुमार ने लाभार्थियों को मार्गदर्शन दिया और संतुलित आहार के साथ-साथ नियमित रूप से समय पर दवा लेने के महत्व पर विशेष जोर दिया।
प्रत्येक दिए गए खाद्य बास्केट में 200 ग्राम सोयाबीन चंक्स, 500 ग्राम दलिया, 250 ग्राम रिफाइंड तेल, 2 किलोग्राम चावल, मिल्क पाउडर और विभिन्न पौष्टिक स्नैक्स शामिल थे।इस कार्यक्रम में चिकित्सा पदाधिकारी विवेक कुमार, बीएचएम अशोक कुमार, बीसीएम दीपक कुमार और स्टाफ सदस्य प्रमोद कुमार, प्रकाश यादव, विजय कुमार तथा उमेश पंडित सहित स्वास्थ्य अधिकारियों की एक बड़ी टीम मौजूद रही। एएनएम श्वेता आनंद और पूनम कुमारी द्वारा नर्सिंग सहायता प्रदान की गई, साथ ही आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय सहायकों की भी भागीदारी रही।
यह वितरण प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान और निक्षय मित्र पहल के तहत व्यापक राष्ट्रीय प्रयासों के अनुरूप है, जो रोगियों को पोषण और व्यावसायिक सहायता प्रदान करना चाहता है। सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए त्प्क्ष से निपटने के लिए 3259.26 करोड़ रुपये आवंटित करने के साथ, ऐसे कार्यक्रम कुपोषण को संबोधित करते हैं, जो उपचार विफलता के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोषण संबंधी सहायता से रिकवरी दर में काफी सुधार हो सकता है। राष्ट्रीय त्प्क्ष उन्मूलन कार्यक्रम की पूर्व उप महानिदेशक डॉ. उर्वशी सिंह ने भी इस बात पर जोर दिया है कि भोजन त्प्क्ष उन्मूलन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में काम करता है। बेलदौर में यह स्थानीय पहल इस क्षेत्र के अन्य प्रयासों के जैसी ही है, जिसमें 2 सितंबर 2026 को भागलपुर में 30 मरीजों को प्रोटीन युक्त बास्केट प्रदान करने वाला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कार्यक्रम भी शामिल है।