भागलपुर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम 226.76 करोड़ रुपये की लागत से एक नई स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना शुरू करने जा रहा है। इससे शहर की जलभराव की समस्या करीब 90 प्रतिशत तक हल हो जाएगी। इस योजना से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- सोमवार को स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में मेयर डॉ. वसुंधरा लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीपीआर पेश की गई।
- यह प्रोजेक्ट यूनिफॉर्म इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है।
- इसमें 74 किलोमीटर नाले, छह पंपिंग स्टेशन और 500 सिल्ट ट्रैप बनाए जाएंगे।
- सभी 51 वार्डों के नालों को आपस में जोड़ा जाएगा ताकि पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जा सके।
दक्षिणी क्षेत्र के पानी को गोड़होई नदी में भेजने के लिए एक स्थायी पंपिंग स्टेशन भी लगाया जाएगा। मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने फंड जल्द जारी करवाने के लिए संबंधित विभागीय मंत्री के साथ बातचीत शुरू कर दी है।
बिहार अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) इस ड्रेनेज सिस्टम के लिए तकनीकी आकलन पर काम कर रहा है और इसे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पेश करेगा। बुडको 2.22 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क और नाला निर्माण की दो अलग-अलग परियोजनाओं का भी प्रबंधन कर रहा है, जिनके टेंडर 4 नवंबर को खुलने हैं और दिसंबर में काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने घोषणा की कि स्ट्रीट लाइट का टेंडर अंतिम चरण में है, और विभाग की मंजूरी के बाद 15 दिनों के भीतर 5,000 लाइटें लगाई जाएंगी।
यह प्रोजेक्ट साल 2026 में शुरू किए गए कई ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स में शामिल है। जुलाई में स्वीकृत 142 करोड़ रुपये की योजना में 23 रूटों पर 25 किमी कंक्रीट नाले शामिल हैं। अप्रैल में 123 नालों के पक्का करने की 240 करोड़ रुपये की योजना और जून में 70 करोड़ रुपये की ड्रेनेज योजना को तकनीकी मंजूरी मिली थी। सितंबर में सर्वे का पहला मील का पत्थर पार हो गया था, और बुडको की टीमें अभी नगर पालिका के ड्रेनेज क्षेत्रों का मूल्यांकन कर रही हैं।