भागलपुर में 24 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक पर लाने की बड़ी तैयारी

किशनगंज से रिपोर्टिंग करते हुए अवधेश झा बताते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र की सिर्फ इमारत होने से अच्छी चिकित्सा मिलने की गारंटी नहीं मिलती है। असली स्वास्थ्य सेवा का मतलब है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच, इलाज, जरूरी दवाइयां, प्रशिक्षित कर्मियों की सेवाएं और साफ-सुथरा सुरक्षित माहौल मिले। इस उद्देश्य के तहत जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुसार विकसित करने के प्रयास तेज हो गए हैं। यह राष्ट्रीय प्रमाणन प्रक्रिया केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का जरिया है कि ग्रामीण इलाकों के लोगों को भरोसेमंद और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के नेतृत्व में प्रशासन स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में जुटा है ताकि सेवाएं सबसे वंचित लोगों तक पहुंच सकें। वर्तमान में जिला राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए 24 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के उन्नयन को प्राथमिकता दे रहा है।