भागलपुर जिला प्रशासन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संभावित दौरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस खबर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: - गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखने अधिकारी राघोपुर गांव पहुंचे। - बांध की सुरक्षा के लिए इंजीनियरों और मजदूरों को चौबीस घंटे तैनात किया गया है। - डीएम ने सबौर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का पैदल दौरा किया। - सामुदायिक रसोई केंद्रों में भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई।
अधिकारियों ने बुधवार को
राघोपुर गांव का दौरा किया ताकि गंगा के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया जा सके और बांध की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। अधिकारी ने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि बांध को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत सभी जरूरी कदम उठाए जाएं, जिसमें जियो बैग और ईसी बैग लगाना शामिल है। इसके अलावा, अधिकारी ने
बांध पर इंजीनियरों और मजदूरों को चौबीस घंटे तैनात करने का आदेश दिया ताकि पानी के स्तर और बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। दौरे के दौरान, अधिकारी ने एक सामुदायिक रसोई का भी निरीक्षण किया और लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं, साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता को परखा।
अलग से, जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने सबौर के फरका पंचायत और शंकरपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
डीएम ने बाढ़ के पानी में नंगे पैर चलकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत करके दी जा रही सरकारी मदद के बारे में पूछा। नाराजगी जताते हुए, डीएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। जरूरतमंदों को तुरंत पॉलीथिन शीट और राहत सामग्री बांटने के सख्त आदेश दिए गए। डीएम ने सामुदायिक रसोई केंद्रों का भी निरीक्षण किया और निर्देश दिया कि खाने की गुणवत्ता और सेवा व्यवस्था को उच्च स्तर पर बनाए रखा जाए। सबौर के अंचल अधिकारी (अं.अ.) को खास तौर पर निर्देश दिए गए कि इन केंद्रों पर खाने के समय बाढ़ पीड़ितों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त टेबल, कुर्सी और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि
बाढ़ पीड़ितों को नियमित और समय पर अच्छी गुणवत्ता का खाना मिलना चाहिए।