अकबरनगर में माताओं ने बेटियों के लिए रखा जितिया व्रत, परंपरा में बदलाव

भागलपुर के अकबरनगर क्षेत्र में माताओं ने बेटियों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला जितिया व्रत रखकर एक बड़ी परंपरा को बदल दिया है। यह व्रत पारंपरिक रूप से केवल बेटों के लिए रखा जाता था, लेकिन अब इस बदलाव से समाज में समानता की सोच दिखाई दे रही है। जितिया व्रत यानी जीवित्पुत्रिका व्रत 2026 की शुरुआत 2 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ हुई। मुख्य निर्जला उपवास 3 अक्टूबर 2026 को रखा जा रहा है और व्रत का पारण 4 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय किया जाएगा। यह धार्मिक पर्व भगवान जीमूतवाहन को समर्पित है और इसे बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा नेपाल के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है।