अकबरनगर में माताओं ने बेटियों के लिए रखा जितिया व्रत, परंपरा में बदलाव

MyBhagalpur Team2 October 20261 min read0 viewsDevelopment and good news
अकबरनगर में माताओं ने बेटियों के लिए रखा जितिया व्रत, परंपरा में बदलाव

भागलपुर के अकबरनगर क्षेत्र में माताओं ने बेटियों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला जितिया व्रत रखकर एक बड़ी परंपरा को बदल दिया है। यह व्रत पारंपरिक रूप से केवल बेटों के लिए रखा जाता था, लेकिन अब इस बदलाव से समाज में समानता की सोच दिखाई दे रही है। जितिया व्रत यानी जीवित्पुत्रिका व्रत 2026 की शुरुआत 2 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ हुई। मुख्य निर्जला उपवास 3 अक्टूबर 2026 को रखा जा रहा है और व्रत का पारण 4 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय किया जाएगा। यह धार्मिक पर्व भगवान जीमूतवाहन को समर्पित है और इसे बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा नेपाल के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है।

श्रीरामपुर की रीमा कपारी ने की शुरुआत

श्रीरामपुर वार्ड नंबर 8 की रहने वाली रीमा कपारी इस बदलाव का नेतृत्व कर रही हैं। कपारी अपनी दो बेटियों के लिए यह व्रत रख रही हैं और उनकी सफलता, स्वास्थ्य तथा लंबी उम्र की प्रार्थना कर रही हैं। स्थानीय रिपोर्टों से पता चलता है कि अकबरनगर नगर पंचायत क्षेत्र में दर्जनों माताओं ने इस चलन को अपनाया है और वे अपने बेटों की तरह ही बेटियों के लिए भी पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मना रही हैं।

बाजारों में रही रौनक

समुदाय के सदस्यों ने बताया कि यह बदलाव बच्चों के बीच लिंग आधारित भेदभाव को खत्म करने की सकारात्मक सामाजिक सोच को दिखाता है। इस त्योहार के लिए 1 अक्टूबर 2026 को पूजा सामग्री, सब्जियां और मिठाइयां खरीदने के लिए बाजार में काफी चहल-पहल रही। अब यह त्योहार इस क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण पर चर्चा का एक मंच बन गया है।

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