भागलपुर का बरारी पोल्ट्री फार्म फिर से शुरू होने जा रहा है जो बर्ड फ्लू के कारण छह महीने से बंद था। यह राज्य का सबसे बड़ा पोल्ट्री फार्म है और 26 अप्रैल 2026 को बर्ड फ्लू मिलने के बाद बंद किया गया था ताकि संक्रमण शहर और गांवों में न फैले। इसके बाद सभी पक्षियों को मारा गया और जगह को सैनिटाइज़र किया गया। यह फार्म पटना के पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान की देखरेख में था जिसने सभी पोल्ट्री कामों पर रोक लगा दी थी।
- सितंबर में तीन वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम ने जांच की
- अंतिम मंजूरी केंद्र और राज्य विभाग से मिली
- 70 लाख रुपये का बजट मरम्मत के लिए मिला
सितंबर में पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान पटना के तीन वरिष्ठ वैज्ञानिकों की एक टीम ने मिट्टी, हवा, शेड और बायो-सुरक्षा मानकों की जांच के लिए दौरा किया। इस टीम की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग और बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने फार्म को फिर से शुरू करने की अंतिम मंजूरी दे दी। सहायक निदेशक अनिल कुमार ने इसके बाद बहाली का काम शुरू कर दिया है।
70 लाख रुपये का बजट इस मरम्मत के लिए दिया गया है जिसमें शेड को सुधारना, चारदीवारी ऊंची करना और जानवरों तथा जंगली पक्षियों को रोकने के लिए कंटीले तार लगाना शामिल है। ताजा उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए कटक, ओडिशा और अन्य पड़ोसी राज्यों से उच्च नस्ल के अंडे मंगाए जाएंगे।
नए बायो-सुरक्षा नियम बनाए गए हैं जिनमें मुख्य गेट पर सैनिटाइजेशन पॉइंट जरूरी किया गया है।
सभी कर्मचारियों को परिसर में घुसने से पहले सैनिटाइज होना होगा और आम लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा, फार्म ने भागलपुर और सीमांचल के युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को बढ़ावा देने के लिए वोकेशनल पोल्ट्री फार्मिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम फिर से शुरू कर दिया है जिसका तीसरा बैच चल रहा है।