भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा सुंदरवती महिला महाविद्यालय के बी.एड. विभाग के सरकारी अधिग्रहण और बी.एड. पाठ्यक्रम की फीस में व्याप्त असमानता को दूर करने के संबंध में उठाए गए मामले पर राजभवन, बिहार की ओर से सकारात्मक जवाब प्राप्त हुआ है। राजभवन के इस कदम से भागलपुर और आसपास के जिलों की हजारों छात्राओं में उच्च शिक्षा और शिक्षक बनने के अपने सपने को पूरा करने की नई उम्मीद जगी है। सुंदरवती महिला महाविद्यालय में बी.एड. की भारी फीस
सांसद ने बीती 22 अगस्त को राज्यपाल को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने सुंदरवती महिला महाविद्यालय के बी.एड. विभाग के स्व-वित्तपोषित होने के कारण छात्राओं पर पड़ रहे भारी आर्थिक बोझ का मामला प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि अत्यधिक फीस होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कई योग्य छात्राएं बी.एड. की पढ़ाई से वंचित हो रही हैं, जिससे उनके शिक्षक बनने के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
आठ जिलों की छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण संस्थान सांसद ने अपने पत्र में रेखांकित किया था कि भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा, बेगूसराय एवं खगड़िया सहित 8 जिलों की छात्राओं के लिए सुंदरवती महिला महाविद्यालय एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित संस्थान है। कॉलेज का बी.एड. विभाग स्व-वित्तपोषित होने की वजह से छात्राओं से यहां लगभग 1.50 लाख शुल्क लिया जा रहा है, जो कि काफी अधिक है।
पटना यूनिवर्सिटी और एसएम कॉलेज की फीस में अंतर सांसद ने बिहार राज्य के विभिन्न सरकारी संस्थानों में बी.एड. पाठ्यक्रम की फीस में व्याप्त भारी अंतर का उदाहरण देते हुए बताया कि पटना विश्वविद्यालय के वूमेन्स ट्रेनिंग कॉलेज में बी.एड. की फीस सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लिए महज लगभग 24,000 है। वहीं, एससी/एसटी एवं दिव्यांग छात्राओं के लिए यह फीस सिर्फ 9,000 निर्धारित है। उन्होंने इस भारी असमानता को दूर करते हुए पूरे बिहार में समान एवं छात्रहितैषी शुल्क नीति लागू करने तथा एसएम कॉलेज के बी.एड. विभाग का राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने की मांग की थी।
राजभवन से सकारात्मक जवाब आया सांसद की इस जनहितैषी पहल पर 11 सितंबर 2026 को राज्यपाल बिहार, सैयद अता हसनैन की ओर से सांसद को जवाब भेजा गया है। राजभवन से प्राप्त पत्र में सांसद द्वारा उठाए गए गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए कहा गया है कि संबंधित बिंदुओं का उचित स्तर पर परीक्षण कर प्रचलित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप समुचित कार्रवाई की जाएगी तथा लिए गए निर्णय से सांसद को अवगत कराया जाएगा।