बिहार और झारखंड के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर सामने आई है। भागलपुर-भालजोर फोरलेन सड़क परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: यह सड़क परियोजना बिहार और झारखंड के बीच आपसी संपर्क को बेहतर बनाएगी। इसकी कुल लंबाई करीब 67 किलोमीटर है। इस पर लगभग 1,720 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह पूरा निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
इस सड़क निर्माण का पहला चरण भागलपुर से खरधारा तक होगा। वहीं,
दूसरा चरण खरधारा से भालजोर तक फैला होगा। यह सड़क एनएच-133ए (NH-133E) का हिस्सा बनेगी। केंद्र सरकार ने पहले ही अप्रैल 2026 में एनएच-133ए के 36.600 किलोमीटर से 63.630 किलोमीटर वाले हिस्से को फोरलेन हाईवे बनाने की घोषणा की थी।
इस सड़क के डिजाइन में ट्रैफिक जाम से राहत पाने के लिए तीन मीटर चौड़ा सेंट्रल डिवाइज़र बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। जमीन अधिग्रहण से जुड़ी सभी बाधाएं अब दूर हो चुकी हैं। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग द्वारा अब निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां की जा रही हैं।
इस परियोजना से मुख्य रूप से भागलपुर और बांका जिलों के साथ-साथ आसपास के इलाकों को बहुत फायदा मिलेगा। इससे झारखंड के लिए यातायात बहुत आसान हो जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे हाईवे के बन जाने से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। रास्ते के आसपास छोटे और बड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय निवासियों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी और औद्योगिक विकास को भी समर्थन मिलेगा।