भागलपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सात करोड़ रुपये की लागत से आई अत्याधुनिक कैथ लैब मशीन महीने बीत जाने के बाद भी चालू नहीं हो पाई है। इस मशीन से अंग क्षेत्र और आसपास के जिलों के लोगों को दिल के ऑपरेशन और पेसमेकर लगाने की सुविधा मिलनी थी, लेकिन अभी लोगों को महंगे इलाज के लिए पटना या दूसरे शहर जाना पड़ रहा है।
शुक्रवार को बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड की टीम ने अस्पताल आकर मशीन की जांच की। अधिकारियों ने जांच के बाद पुष्टि की कि मशीन सभी मानकों पर सही है।
मशीन सही मिलने के बाद भी इसके शुरू होने की कोई तारीख तय नहीं की गई है, जिससे मरीजों में चिंता बनी हुई है। अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. महेश कुमार ने पुष्टि की कि संस्थान ने मशीन की देखभाल के लिए संबंधित एजेंसी के साथ पांच साल का मेंटेनेंस समझौता किया है। इस जांच के दौरान न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार भी मौजूद थे।
स्थानीय लोगों और मरीजों को अभी भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है, क्योंकि दिल के ऑपरेशन या पेसमेकर की जरूरत वाले मरीजों को दूसरे शहर रेफर करना पड़ रहा है।