भागलपुर के सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने मौसम में बदलाव और तापमान के उतार-चढ़ाव को लेकर लोगों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की है। इस खबर की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:- तापमान बदलने पर स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की अपील की गई है।- बुखार और खुद से दवा लेना खतरनाक हो सकता है।- बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
डॉ. चौधरी ने चेतावनी दी है कि बुखार को नजरअंदाज न करें और बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा बुजुर्गों के लिए यह खतरनाक हो सकता है। बुखार टाइफाइड जैसे कई संक्रमणों का लक्षण हो सकता है जो दूषित पानी या भोजन से फैलता है। मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे केवल बुखार कम करने वाली दवा पर निर्भर न रहें, बल्कि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर डॉक्टर से सलाह लें ताकि सही कारण का पता चल सके। सिविल सर्जन के अनुसार, टाइफाइड के लक्षणों जैसे लगातार बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, पेट दर्द और भूख न लगने का इलाज घर पर एंटीबायोटिक्स से नहीं करना चाहिए। यदि बुखार बना रहे या बढ़ जाए, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है। बच्चों में सुस्ती, तरल पदार्थ पीने में कठिनाई, बार-बार उल्टी या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
डॉ. चौधरी ने संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई के महत्व पर जोर दिया है। लोगों को केवल साफ पानी पीने की सलाह दी जाती है, और शक होने पर पानी उबालकर पिएं। ताजा, अच्छी तरह पका हुआ और ढका हुआ खाना ही खाएं। सड़क किनारे मिलने वाला खाना, कटे हुए फल या गंदी जगहों पर बिकने वाले खाने से बचने की सख्त चेतावनी दी गई है। खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोना तथा पानी रखने के बर्तनों को साफ रखना बहुत जरूरी है।
इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, दूध, अंडे और प्रोटीन युक्त भोजन लें, साथ ही भरपूर नींद लें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक सुस्ती या तरल पदार्थ न पचा पाने जैसे गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। सिविल सर्जन ने अंत में दोहराया कि जागरूकता, व्यक्तिगत स्वच्छता और समय पर डॉक्टर की सलाह लेना छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीर स्थिति बनने से रोकने के लिए बहुत जरूरी है।